बजट से पहले बिछी सियासी शतरंज, 20 से गरमाएगा राजनीतिक माहौल
19 को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में तय होगी सत्र की अवधि
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, लेकिन सदन की असली हलचल उससे पहले ही तेज हो चुकी है। सरकार जहां अपने दूसरे वार्षिक बजट की बारीकियां अंतिम रूप देने में जुटी है, वहीं विपक्ष भी मुद्दों की धार तेज कर सत्र में घेराबंदी की तैयारी कर रहा है। सियासी गलियारों में इसे ‘रणनीति बनाम जवाबी रणनीति’ का सत्र माना जा रहा है।
सत्र से ठीक एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को राजनीतिक गतिविधियां चरम पर होंगी। विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक होगी, जिसमें सत्र की अवधि और कार्ययोजना तय की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मंत्री अनिल विज, महिपाल ढांडा, कृष्ण कुमार बेदी, डिप्टी स्पीकर कृष्णलाल मिढ्ढा, विधायक गीता भुक्कल, सावित्री जिंदल और अर्जुन चौटाला सहित प्रमुख सदस्य मौजूद रहेंगे।
इसी दिन मुख्यमंत्री अपने आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक करेंगे। बैठक के बाद डिनर डिप्लोमेसी के जरिए विधायकों के साथ तालमेल और रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार को समर्थन दे रहे तीनों निर्दलीय विधायक – हिसार से सावित्री जिंदल, गन्नौर से देवेंद्र कादियान और बहादुरगढ़ से राजेश जून को भी आमंत्रित किया गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी 19 फरवरी को हुड्डा की अध्यक्षता में होगी, जिसमें सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर अंतिम रणनीति तय की जाएगी।
सरकार निशाने पर
वृद्धावस्था पेंशन में कटौती या रोक, बारिश से फसल नुकसान का मुआवजा, धान खरीद में कथित अनियमितताएं, एचपीएससी व एचएसएससी की भर्तियां, बढ़ता नशा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और सवालों के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना चुके हैं।
सिंगल सिटिंग की मांग
इस बार सत्र की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा तेज है। कई मंत्रियों और पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने स्पीकर से आग्रह किया है कि डबल सिटिंग की बजाय एक दिन में केवल एक ही सिटिंग रखी जाए। उनका तर्क है कि डबल सिटिंग से कामकाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है। सुझाव है कि यदि जरूरत हो तो सत्र की अवधि बढ़ाई जाए, लेकिन सिंगल सिटिंग का ही फॉर्मेट अपनाया जाए।
27 को बजट संभव
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिन्होंने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा है, 27 फरवरी को अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश कर सकते हैं। पिछले वर्ष 2025-26 के लिए करीब 2.05 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। इस बार बजट सवा दो लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। लाडो लक्ष्मी योजना लागू होने के बाद वित्तीय बोझ बढ़ा है, ऐसे में इस बार का बजट संतुलन और सामाजिक योजनाओं के बीच तालमेल का इम्तिहान माना जा रहा है। बजट पेश होने के बाद करीब एक सप्ताह का ब्रेक भी संभव है, जिसके दौरान विभागवार कमेटियां बजट प्रस्तावों का अध्ययन करेंगी।

