वेलेंटाइन दिवस को कपल्स का सेलिब्रेट करना सामान्य बात है। ऐसे में अगर आपके साथ कोई साथी न हो तो तुलना करके निराश होने की जरूरत नहीं। सिंगल हुड काे भी एंजॉय करें। खुद को ही अपना वेलेंटाइन बनाएं। खुद को गिफ्ट करें। अकेले जाकर किसी रेस्टोरेंट में खुद को ट्रीट दें।
ऐसे लोग किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं हैं उन्हें यह दिन काफी चुभता है और इस दिन उन्हें अकेलेपन की पीड़ा भीतर तक सालती है। अमूमन 14 फरवरी यानी वेलेंटाइन डे पर सोशल मीडिया कपल्स की तस्वीरों से भरा रहता है। ऐसे में जिनका कोई पार्टनर नहीं है, अगर वे खुद को अधूरा महसूस करते हैं तो जानिये कैसे वो अपने अकेलेपन को दूर करें :
खुद से ही प्यार करें
अगर आपके साथ कोई साथी न हो तो खुद को ही अपना वेलेंटाइन बनाएं। खुद को गिफ्ट करें। अकेले जाकर किसी रेस्टोरेंट में खुद को ट्रीट दें। दूसरे लोगों को एक साथ देखकर उनसे अपनी तुलना करके परेशान न हों। इससे अगर कोई आपके साथ न भी हो तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सबकी शादी हो गई आपकी नहीं, तो क्या हुआ?
अगर आपने अभी तक शादी के लिए किसी का चुनाव नहीं किया या कोई ऐसा पार्टनर आपको नहीं मिला, जिसके साथ आप जीवनभर चलने का संकल्प ले सकें, तो क्या हुआ? आप अपनी इच्छा से सिंगल हैं। इसमें गम मनाने की तो कोई बात नहीं। सिंगल्स के ग्रुप को ज्वाइन करें और अपने सिंगल हुड को एंज्वाय करें।
शादीशुदा भी तो खुश नहीं
अगर आपने अभी तक शादी नहीं की या किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं हैं तो उनके बारे में सोचो, जो कपल्स शादी करके परेशान हैं। उनसे पूछकर देखो तो वो बताएंगे कि जिन हालात में वो हैं, इससे तो अच्छा था वो शादी ही न करते। इस तरह अपने सिंगल हुड को अपनी उन्नति के लिए एक बड़ी अपर्चुनिटी समझते हुए उसे एंज्वॉय करें। आप जो हैं, जैसे हैं, उसी में संतुष्ट रहें।
टीनएजर्स कैरियर पर फोकस करें
कॉलेज में अपने दोस्तों को अपनी पार्टनर के साथ खुश देखकर उनसे ईर्ष्या क्यों करनी है। हो सकता है वो सामान्य दोस्ती में हों, न कि एक-दूसरे के गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हों। आप भी इस तरह किसी के साथ दोस्ती करके उस दोस्ती को भी एंज्वॉय कर सकते हैं। जो टीनएजर अपने सिंगल हुड स्टेटस को लेकर परेशान होते हैं, उन्हें अपने कैरियर पर फोकस करने की ज्यादा जरूरत है। क्योंकि यही वह उम्र है जब किसी से रिलेशनशिप में रहकर अपने जीवन में तनाव पालने की बजाय कैरियर पर फोकस करना भविष्य के लिए ज्यादा अच्छा होता है। सिंगल्स के ग्रुप बनाकर उनके बीच पार्टी करें।
अकेले होने का गम कैसा
आजकल ऐसे तमाम ग्रुप और क्लब हैं जहां सिंगल लोग एक-दूसरे के साथ को एंज्वॉय करते हैं। वे आपस में मिलकर पार्टी करते हैं या कहीं घूमने का प्रोग्राम बनाते हैं यानी सिंगल हुड होना कोई कमी होने का पर्याय नहीं है। आप अपने आपको किस रूप में देखना चाहते हैं, वही अहम है। आपको अपने आसपास ऐसे तमाम तलाकशुदा पुरुष और महिलाएं मिल जाएंगी जो जब किसी के साथ थे तो उनका जीवन नरक से भी बदतर था, अब वह अकेले रहकर अपनी जिंदगी को बहुत अच्छे तरीके से जी रहे हैं। इसलिए सिंगल हुड के फायदे होते हैं, इसे भी समझें।
जबर्दस्ती जोड़ी बनाने वालों से सावधान रहें
आपके सर्कल में रहने वाले लड़के या लड़कियां अगर सभी किसी न किसी रिलेशनशिप में हैं और आप उनमें अकेले सिंगल हैं तो जबर्दस्ती किसी के साथ रिलेशनशिप में आने, डेटिंग संबंधी सलाह देने या जबर्दस्ती किसी के साथ इनवॉल्व करने की कोशिश करें तो ऐसे लोगों से दूरी बना लें। क्योंकि सिंगल होने का मतलब किसी की दया का पात्र होना नहीं है, जो लोग सिंगल होने को कमतर या बदकिस्मती समझ लेते हैं, उन्हें यह जता दें कि आप अपनी इच्छा से सिंगल हैं। किसी के साथ बुरे रिलेशनशिप में रहने से सिंगल होना ज्यादा दिमागी सुकून देता है। -इ.रि.सें.

