पीजी लाइफ के दौरान सामंजस्य की सीख
स्टूडेंट्स व सिंगल पेशेवर युवाआें के लिए पीजी में रहना कई तरह से फायदेमंद होता है। यह किफायती होता है और मिल-जुलकर रहने में एक-दूसरे का साथ, सहारा भी मिल जाता है। जब लड़के-लड़कियां पीजी में रहते हैं, तो वहां...
स्टूडेंट्स व सिंगल पेशेवर युवाआें के लिए पीजी में रहना कई तरह से फायदेमंद होता है। यह किफायती होता है और मिल-जुलकर रहने में एक-दूसरे का साथ, सहारा भी मिल जाता है। जब लड़के-लड़कियां पीजी में रहते हैं, तो वहां रहने के दौरान उन्हें एक-दूसरे के साथ कई किस्म की समस्याएं होती हैं, जिनके बीच वे एडजेस्ट करना व एक-दूसरे को बर्दाश्त करना वे भली तरह सीख जाते हैं।
आज लड़के और लड़कियां अपनी स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद कैरियर की तलाश में अकसर छोटे-बड़े शहरों का रुख करते हैं। घर से दूर दिल्ली, मुंबई, कोलकता, चेन्नई, बंग्लुरु जैसे बड़े शहरों या दूसरे छोटे शहरों में ब्वॉयज या गर्ल्स पीजी में रहते हैं। इन पीजी एकोमोडेशन में स्टुडेंट ही नहीं, बल्कि कामकाजी लड़के-लड़कियां भी रहते हैं।
किसी शहर में स्वतंत्र रूप से अपना घर लेकर रहने की बजाय पीजी में रहना ज्यादा फायदेमंद होता है। यह किफायती होता है और मिल-जुलकर रहने में एक-दूसरे का साथ, सहारा भी मिल जाता है। पीजी या पेइंगगेस्ट आज छोटे-बड़े शहरों में एक आम बात है, जिसमें एक कमरे में दो या तीन लोगों के बीच रूम शेयर किया जाता है। जहां समय पर ब्रेकफास्ट,लंच और डिनर मिलता है। कपड़े धोने की व्यवस्था होती है। गीजर, एसी, इंटरनेट और कूलर भी होता है। इन सुविधाओं के बीच जब लड़के-लड़कियां पीजी में रहते हैं, तो वहां उन्हें एक-दूसरे के साथ कई किस्म की समस्याएं होती हैं, जिनके साथ उन्हें एडजेस्ट करके चलना पड़ता है यानी एक-दूसरे को बर्दाश्त करना सीखते हैं, उनके बीच गहरी दोस्ती हो जाती है। आपसी मनमुटाव होना तो अलग बात है।
लड़कियों और लड़कों के पीजी अलग-अलग होते हैं। अगर लड़के-लड़की के बीच आपसी दोस्ती होती है, तो इस दोस्ती को बाहर ही निभाने के लिए कहा जाता है और रात के समय पीजी में देर रात आने-जाने पर भी प्रतिबंध होता है, ताकि पीजी मालिक सबको सुरक्षा मुहैया करा सके। इन बहुत सारी सुविधाओं के बीच कई समस्याएं होती हैं।
आपसी झगड़े
अकसर पीजी के बीच में लड़के-लड़कियों में आपसी झगड़े हो जाते हैं। किसी न किसी बात पर जब मनमुटाव हो जाता है तो झगड़े बड़ा रूप ले लेते हैं। झगड़े की वजह कोई भी हो सकती है। अगर आप भी पीजी में रहते हैं तो एक दूसरे के साथ झगड़ने से बचें, छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे से तकरार न करें। क्योंकि आपस में एकमत होकर रहना ही पीजी के माहौल को शांतिपूर्ण बनाता है और आपकी भी मेंटल हेल्थ सही रहती है।
चोरी होना
पीजी में अकसर जब एक रूम को दो या तीन लोग शेयर करते हैं तो सबको अलग-अलग सामान रखने के लिए अलमारी दी जाती है। कई बार सावधानी बरतने के बावजूद खाने-पीने की चीजों की चोरी, कपड़ों की चोरी या कीमती सामान की भी चोरी हो जाती है। पैसों की चोरी भी आम बात है। अगर आप भी किसी के साथ पीजी में रूम शेयर कर रहे हैं, तो नगद के बजाय ऑनलाइन भुगतान का जरिया बनाएं। पैसे सुरक्षित जगह पर रखें और अपना कीमती सामान भी सावधानीपूर्वक रखें।
सफाई न रखने वाले वाले रूम मेट
पीजी में अकसर लोगों को यह समस्या होती है, जिसमें एक रूममेट सफाई पसंद होता है तो दूसरा पूरे समय कमरे गंदगी फैलाये रहता है। दिनभर अस्त-व्यस्त बिस्तर, इधर-उधर रखे कपड़े। कमरे में रखे झूठे बर्तन, बिस्कुट और चिप्स के फैले पैकेट और अन्य सामान दूसरे सफाई पसंद साथी को बेहद नागवार गुजरते हैं। कमरे की ही तरह बाथरूम में गंदगी फैलाने वाले रूममेट भी एक बड़ी समस्या होते हैं। जो बाथरूम की साफ-सफाई के प्रति लापरवाह होते हैं, जिसके कारण उनके बीच नोकझोंक और लड़ाई होना आम बात है।
गोपनीयता बाहर शेयर करना
एक ही कमरे में किसी के साथ रहने के बाद उसकी आदतों को जानने के बाद उनके बारे में बातें बनाना, उनकी पर्सनल बातों को दूसरों के साथ बाहर जाकर शेयर करना, एक दूसरे के ब्वॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड की गोपनीय बातों को दूसरों को बता देना। इस पर भी कई बार साथ रहने वाले रूममेट के साथ विवाद पैदा हो जाते हैं और झगड़े जब ज्यादा बढ़ जाते हैं तो वह दूसरों के बीच अप्रिय स्थिति का कारण बनते हैं।
तकरार है तो प्यार भी
हालांकि पीजी में रूममेट्स के बीच सहयोग भी रहता है। अपने माता-पिता से दूर रहने वाले लड़के-लड़कियां जब होम सिकनेस का शिकार होते हैं, कभी पढ़ाई या एग्जाम के टेशन की वजह से तनाव में आ जाते हैं। रिलेशनशिप में होने वाले तनाव के कारण या घर की कोई समस्या से जब वे परेशान होते हैं, तो उन्हें एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहने से अपने सुख-दुख बांटने का मौका मिलता है। उनके पास एक साथी होता है, जिससे वह अपने सुख-दुख बांटकर घर से दूर अनजान जगह पर अपने को अकेला नहीं महसूस करते। इस तरह भले ही एक दूसरे के साथ वे लड़ते झगड़ते हों, उनमें आपसी प्यार कई बार इतना बढ़ जाता है कि उनके रिश्ते इतने मजबूत हो जाते हैं कि पीजी छोड़ने के बावजूद उनके अच्छे रिश्ते बने रहते हैं। -इ.रि.सें.

