जल संकट से सीख सही इस्तेमाल की
शिक्षा व कैरियर के लिए महत्वपूर्ण विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में जनरल नॉलेज संबंधी प्रश्न प्रमुख तौर पर पूछे जाते हैं। वहीं सिविल सेवा के एग्जाम में तो पूरा प्रश्न पत्र ही जीके का होता है। जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति,...
शिक्षा व कैरियर के लिए महत्वपूर्ण विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में जनरल नॉलेज संबंधी प्रश्न प्रमुख तौर पर पूछे जाते हैं। वहीं सिविल सेवा के एग्जाम में तो पूरा प्रश्न पत्र ही जीके का होता है। जिसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति, संविधान, विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण व पर्यटन की जानकारी भी परखी जाती है। इसी सिलसिले में जानिये विश्व में जल की महत्ता व जल संकट के बारे में।
कृषि क्षेत्र और देश के सर्वांगीण विकास के लिए जल बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जलस्रोतों का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है। बता दें कि अभी तक धरती के अलावा किसी भी दूसरे ग्रह पर पानी नहीं मिला। आदिकालीन पृथ्वी के खौलते महासागरों में ही जीवन के आदिस्वरूप का उद्भव हुआ था और फिर जलचरों से जल-थल चर और फिर थलचर और नभचर- इस तरह प्राणियों की सृष्टि हुई। तभी तो जीव-जंतु और पेड़-पौधों- सबकी देह का 75 प्रतिशत और इससे भी अधिक अंश जल ही होता है, हमारी देह का भी।
रासायनिक ढांचा और स्वरूप
हाइड्रोजन के दो और ऑक्सीजन के एक परमाणु (एटम) के बनने से H2O यानी जल का एक अणु (मोलीक्यूल) बनता है। पानी ऐसा अदभुत यौगिक है, जो कार्बन के साथ मिलकर कार्बोहाइड्रेट बनाता है जो अन्न, कंद, मूल और फल के रूप में सबका पेट भरते हैं। पानी तरल, ठोस बर्फ और गैसीय वाष्प तीन रूपों में मिलता है। यह एकमात्र तरल है, जो ठोस रूप ग्रहण करने पर फैलता है।
जल चक्र और बढ़ती खपत
जल का एक चक्र है वर्षा के रूप में बरसना और भाप बनकर उड़ जाना, बादल बनाना और फिर बरस पड़ना। यही जल चक्र समस्त जीवन क्रियाओं का आधार है। दुनिया में आबादी बढ़ने के साथ-साथ पानी की खपत बढ़ रही है। साल 1940 में पूरे साल लगभग 1000 घन किलोमीटर पानी इस्तेमाल हुआ था। साल 1960 में यह दुगना हो गया। इसकी भी दुगनी खपत सन 1990 में हुई। सन 2000 तक इसमें 20 प्रतिशत की और बढ़ोतरी होगी यानी 1940 के मुकाबले इक्कीसवीं सदी में प्रवेश के समय पानी की खपत पांच गुनी हो गई यानी 5190 घन कि.मी.।
सर्वेक्षण में प्रकट चेतावनी
आबादी बढ़ने से पानी की कमी कैसे पैदा होती है यह ‘जल संसाधन विकास और प्रबंध’ के किए गए एक सर्वेक्षण से स्पष्ट हुआ है। इसके अनुसार अरब संघ के 21 देशों में पानी की न्यूनतम आवश्यकता प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष 1205 घनमीटर थी। इसमें से 55 घनमीटर जरूरी कामों के लिए थी। वहीं सबको पर्याप्त भोजन मिल सके इसके वास्ते कृषि कार्यों में, 1150 घनमीटर पानी की खपत आंकी गई। पर्याप्त भोजन का मतलब है साल में 375 किलोग्राम फल और सब्जी, 35 किलोग्राम मांसाहार या दालें और दूध और 125 किलोग्राम अनाज। सन 1985 में इन देशों में प्रतिव्यक्ति 1750 घनमीटर पानी की आपूर्ति की गई, फिर भी 21 देशों में से 12 देशों में पानी की बुनियादी जरूरत पूरी नहीं की जा सकी। सन 2025 तक प्रति व्यक्ति 600 घनमीटर से भी कम पानी मिल पाया।
स्पेशल क्विज : स्वतंत्रता दिवस
* भारत का पहला स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया था?
- 15 अगस्त 1947
* स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल कौन थे?
- लार्ड माउंटबेटन
* ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण किसने दिया था?
– पं. जवाहरलाल नेहरू
* ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ कब शुरू हुआ था? -1942
* रेडक्लिफ लाइन किससे संबंधित है?
- भारत-पाकिस्तान सीमा
* संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
- 9 दिसंबर 1946
* वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज कब अपनाया गया?
- 22 जुलाई 1947
* राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र की तीलियां कितनी हैं? - 24
* आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च नेता कौन थे?
- सुभाषचंद्र बोस
* भारत का राष्ट्रीय गीत क्या है? - वंदे मातरम्

