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Inspiring Story : सरकारी नौकरी नहीं मिली तो खेती को बनाया करियर, 1,000 स्ट्रॉबेरी पौधों से शुरू किया सफर; अब UN करेगा सम्मानित

छोटे गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची कहानी

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Mizoram Women Farmer : कहते हैं कि मेहनत और हौसले के आगे मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के सांगाउ गांव की जेड टी लालरिथांगी की कहानी इसकी मिसाल है। सरकारी नौकरी की कोशिश नाकाम हुई तो उन्होंने निजी स्कूल में पढ़ाया, लेकिन आत्मनिर्भर बनने की चाह नहीं छोड़ी।

आखिरकार उन्होंने खेती को अपना करियर बनाने का फैसला किया और स्ट्रॉबेरी की खेती से नई राह तैयार की। आज 1,000 पौधों से शुरू हुआ उनका सफर 10 हजार से ज्यादा पौधों तक पहुंच चुका है। साल 2025 में उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती से 10 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई की। अब उनकी इसी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने जा रही है।

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1,000 पौधों से शुरू हुआ सफर

लालरिथांगी ने 2024 में करीब 1,000 स्ट्रॉबेरी पौधों के साथ खेती शुरू की थी। पड़ोसी सियाहा जिले के किसानों को स्ट्रॉबेरी से अच्छी आमदनी करते देखकर उन्हें भी इस फसल को आजमाने का विचार आया। सांगाउ गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर खेत में पहले साल ही उन्हें लगभग 1.5 लाख रुपये की कमाई हुई। पहली सफलता ने उनका भरोसा बढ़ाया और उन्होंने खेती का दायरा लगातार बढ़ाना शुरू कर दिया।

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अब 2 हेक्टेयर में खेती

आज लालरिथांगी करीब 2 हेक्टेयर जमीन पर 10 हजार से अधिक स्ट्रॉबेरी पौधे लगा रही हैं। इसके अलावा वह एवोकाडो, केला और दूसरी फल-सब्जियों की खेती भी करती हैं। उनका मॉडल सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं है। वह स्ट्रॉबेरी के एक हिस्से को प्रोसेस कर स्थानीय बाजार में वाइन भी बेचती हैं। इस तरह खेती के साथ प्रोसेसिंग को जोड़कर उन्होंने कमाई के नए रास्ते बनाए हैं।

YouTube से सीखी खेती की तकनीक

स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करना उनके लिए आसान नहीं था। सरकारी मदद लेने की कोशिश की, लेकिन उस समय स्ट्रॉबेरी संबंधित कृषि योजना में शामिल नहीं थी। इसके बाद उन्होंने खुद सीखने का फैसला किया।

लालरिथांगी ने इंटरनेट और YouTube वीडियो के जरिए खेती की तकनीक समझी और दूसरे किसानों से भी जानकारी ली। तीन बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने सीखने और खेत पर काम करने का सिलसिला जारी रखा। उनके पति और सास-ससुर ने भी इस सफर में उनका साथ दिया।

अब रोम में मिलेगा सम्मान

लालरिथांगी को FAO के ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ सम्मान के लिए चुना गया है। यह सम्मान International Year of Women Farmers 2026 के तहत दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, 131 देशों की 600 से ज्यादा महिलाओं को नामांकित किया गया था, जिनमें से 100 का चयन हुआ है। भारत से दो महिलाओं को यह सम्मान मिलने जा रहा है।

गौरतलब है कि सम्मान समारोह इटली की राजधानी रोम में 12 से 16 अक्टूबर के बीच FAO मुख्यालय में होने वाले World Food Forum के दौरान होगा। लालरिथांगी अब रोम जाने की तैयारियों में जुटी हैं।

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