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आईटीआई करने के बाद सुनहरे मौके

उद्योगों की मांग के मुताबिक प्रशिक्षण

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आजकल देश में आईटीआई कोर्स करने के बाद रोजगार की संभावनाएं बढ़ गयी हैं क्योंकि इनमें युवाओं को ऐसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो उद्योगों की मांग के अनुरूप हों। इनमें इंजीनियरिंग या गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड शामिल हैं। छात्र यहां नयी स्किल सीखकर ऑटोमोबाइल, रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तकनीशियन, ऑपरेटर और मशीन विशेषज्ञ की भूमिका निभा रहे हैं।

मौजूदा दौर में आईटीआई देश के पंद्रह हजार से अधिक सरकारी और निजी संस्थानों वाला आधुनिक स्किल हब है। यहां युवाओं को ऐसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है जो उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की मांग के अनुरूप हों। ऑटोमोबाइल, रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में आईटीआई पास छात्र आज एक प्रशिक्षित तकनीशियन, ऑपरेटर और मशीन विशेषज्ञ की भूमिका निभा रहे हैं। आधुनिक मशीनें, डिजिटल लैब और उद्योग आधारित प्रशिक्षण जोड़कर आईटीआई की गुणवत्ता को कई गुना बेहतर बना दिया गया है। आज आईटीआई हर वर्ग के छात्रों को समान अवसर देकर आगे बढ़ाने का मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान कर रहा है।

विभिन्न योजनाएं, फीस और डिप्लोमा

सरकार ने वर्ष 2025 में आईटीआई छात्रों के लिए कई सुधार और नई योजनाएं लागू की हैं जिनमें आधुनिक आईटीआई मिशन, डिजिटल कौशल विकास और उद्योग साझेदारी कार्यक्रम प्रमुख हैं। जिनके तहत छात्रों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल प्रशिक्षण, उन्नत मशीनें और तकनीकी लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों व विभिन्न आरक्षण प्राप्त वर्गों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फीस में राहत और फ्रीशिप कार्ड की सुविधा मिलती है। सरकारी आईटीआई की फीस सामान्यतः पंद्रह सौ से पांच हजार रुपये तक जबकि निजी आईटीआई में फीस ट्रेड के अनुसार पंद्रह हजार से चालीस हजार रुपये तक होती है। कोर्स पूरा करने पर छात्रों को एनसीटीवी या एससीटीवी डिप्लोमा दिया जाता है।

रोजगार के अवसर

आईटीआई करने के बाद युवाओं के लिए सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर हैं। रेलवे, मेट्रो, बिजली विभाग, सेना, तकनीकी विंग, इसरो, बीएचइएल, डीआरडीओ और एनटीपीसी जैसे सरकारी संस्थान नियमित रूप से आईटीआई पास छात्रों की भर्ती करते हैं। निजी कंपनियों में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर प्लांट, हरित ऊर्जा परियोजनाएं, कंस्ट्रक्शन कंपनियां और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान आईटीआई टेक्नीशियनों को बड़ी संख्या में नौकरी देते हैं। शुरुआती वेतन बारह से बीस हजार रुपये तक और अनुभव होने पर पच्चीस से चालीस हजार रुपये या इससे अधिक भी हो सकता है। अप्रेंटिसशिप से छात्रों को वास्तविक उद्योग अनुभव मिलता है जिससे नौकरी मिलने की संभावना और बढ़ जाती है।

दरअसल, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां अपने उत्पादन केंद्र तेजी से बढ़ा रही हैं। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की और कई EV आधारित फैक्ट्रियां लाखों तकनीशियनों की मांग पैदा कर रही हैं। इसके अतिरिक्त सोलर ऊर्जा, हरित ऊर्जा, मेट्रो निर्माण, हाईवे प्रोजेक्ट, डेटा सेंटर और स्मार्ट सिटी जैसे कार्यों में भी तेज़ी आई है। इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, सीएनसी ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और सोलर टेक्नीशियन जैसे आईटीआई ट्रेडों की सबसे अधिक मांग है

नए ट्रेड और आधुनिक कौशल

आईटीआई में अब ऐसे आधुनिक ट्रेड शामिल किए गए हैं जिनकी आने वाले वर्षों में आवश्यकता होगी। इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन तकनीशियन, एसी और रेफ्रिजरेशन तकनीशियन, रोबोटिक्स और स्वचालन तकनीक, सीएनसी मशीन ऑपरेटर, वेल्डर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर व प्रोग्रामिंग असिस्टेंट और स्वास्थ्य तकनीशियन जैसे कोर्स युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं। ये सभी कौशल आधुनिक फैक्ट्रियों और उद्योगों में रोजगार लगभग सुनिश्चित करते हैं।

महिलाओं, दिव्यांगों के लिए नए अवसर

महिलाओं और दिव्यांग युवाओं के लिए आईटीआई में अवसर और सुविधाएं बढ़ाई गयी हैं। महिलाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन तकनीक, हेल्थ केयर, कंप्यूटर आधारित ट्रेड और सोलर इंस्टॉलेशन जैसे कोर्स बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। ये कोर्स उन्हें नौकरी के साथ-साथ अपना बुटीक, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, फूड बिज़नेस, सिलाई केंद्र या ऑनलाइन काम शुरू करने का अवसर देते हैं। दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष लैब, सरल कोर्स संरचना और छात्रवृत्ति की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। वहीं ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

स्वरोजगार के मौके

आईटीआई आज केवल नौकरी का माध्यम नहीं बल्कि स्व–रोजगार का सबसे आसान रास्ता भी बन चुका है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्र अपना इलेक्ट्रिकल रिपेयर शॉप, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, एसी और फ्रिज सर्विस सेंटर, सोलर इंस्टॉलेशन सेवा, वेल्डिंग व फेब्रिकेशन कार्य, सीएनसी या लेथ मशीन वर्क और मोबाइल या कंप्यूटर रिपेयर सेंटर आसानी से शुरू कर सकते हैं। आईटीआई पास युवा अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी लोन ले सकते हैं जो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना , प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, स्टैंड-अप इंडिया व पीएमईजीपी जैसी योजना के तहत उपलब्ध हैं।

आईटीआई आज युवाओं के लिए सबसे मजबूत और भरोसेमंद कैरियर विकल्प है। आधुनिक ट्रेड, सरकारी सहयोग, नए उद्योग, बढ़ता विदेशी निवेश, रोजगार के अवसर और स्वरोजगार की सुविधाएं आईटीआई को आने वाले वर्षों का सफल तकनीकी कैरियर विकल्प बनाते हैं।

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