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एक्साइज इंस्पेक्टर के पेशे में तरक्की की उम्दा संभावनाएं

युवाओं के लिए आकर्षक कैरियर

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बेहतर वेतन, स्थायित्व और प्रमोशन के अवसरों के कारण सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर का पद सरकारी जॉब की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए काफी आकर्षक विकल्प है। यह भूमिका केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र में फील्ड कार्य और प्रशासनिक कार्यों के बीच लचीलापन प्रदान करती है। इस पेशे में सेवा के साथ प्रतिष्ठा भी जुड़ी है।

कुछ कैरियर ऐसे होते हैं जिनमें बेहतरीन कैरियर अवसर , अव्छी सैलरी के साथ प्रतिष्ठित पद मिलते हैं। डॉक्टर , इंजीनियर, रेलवे व बैंकिंग से हटकर कुछ पद ऐसे होते हैं जो देश सेवा के साथ ही सम्मानजनक कैरियर पेश करते हैं। इन्हीं में से एक पद होता है एक्साइज इंस्पेक्टर, जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है। अगर आप एक्साइज इंस्पेक्टर पद पर भर्ती होना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सबसे पहले एक परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद प्रशिक्षण और फिर शुरू हो जाता है एक शानदार कैरियर, जो सेवा के दाम भी देता है और समाज में सम्मान भी ।

सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के कर्तव्य

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सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर का प्राथमिक कर्तव्य केंद्रीय उत्पाद शुल्क कानूनों और विनियमों को लागू करना है। उनकी जिम्मेदारियों में निर्माताओं की उत्पाद शुल्क देनदारियों का आकलन करना और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। निरीक्षक उत्पाद शुल्क कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए विनिर्माण स्थलों का भौतिक निरीक्षण भी करते हैं और कर चोरी का पता लगाने के लिए अभिलेखों का लेखा-जोखा करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे कर चोरी, धोखाधड़ी या उत्पाद शुल्क नियमों के उल्लंघन के मामलों की जांच करते हैं। एक्साइज इंस्पेक्टर का काम होता है इंपोर्ट और एक्सपोर्ट किए जाने वाले उत्पादों पर नज़र रखना, उनसे कस्टम ड्यूटी, सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी और सर्विस टैक्स वसूलना। एक्साइज इंस्पेक्टर की तैनाती आम तौर पर एयरपोर्ट, क्षेत्रीय हेडक्वार्टर, कस्टम हेडक्वार्टर और कस्टम विभागों में होती है।

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उत्पाद शुल्क कानूनों के तहत सटीक रिकॉर्ड रखना और आवश्यक लाइसेंस, परमिट और प्रमाण पत्र जारी करना भी उनके कर्तव्यों का हिस्सा है। वे निर्माताओं और व्यापारियों को उत्पाद शुल्क अनुपालन पर मार्गदर्शन देते हैं और अभियोजन एवं न्याय निर्णय से संबंधित कानूनी कार्यवाही में सहायता करते हैं। यह कस्टम्स और टैक्सेशन से जुड़ा फील्ड है जिसमें तस्करी रोकने, टैक्स कलेक्शन और व्यापार नियमों की देखरेख जैसे काम होते हैं, और अनुभव के साथ आप कमिश्नर जैसे उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।

योग्यताएं

सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को विशिष्ट पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक डिग्री अनिवार्य है। इस पद के लिए निर्धारित आयु सीमा सामान्यतः 18 से 30 वर्ष के बीच होती है, जिसमें सरकारी मानदंडों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु में छूट उपलब्ध है। उम्मीदवारों का भारतीय नागरिक होना या नेपाल/भूटान की निर्धारित श्रेणियों में आना अनिवार्य है।

शारीरिक मापदंड की बात करें तो एक्साइज इंस्पेक्टर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम हाईट 157.5 एवं महिलाओं की न्यूनतम हाइट 152 सेंटीमीटर होनी चाहिए। पुरुषों के सीने की चौड़ाई 81 सेंटीमीटर और फुलाकर 86 सेमी होनी चाहिए। वहीं महिलाओं का वज़न कम से कम 48 किलो होना चाहिए।

एसएससी सीजीएल एग्जाम

सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर बनने के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/ संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन के बाद कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन में भाग लेना होगा। सीजीएल एग्जाम का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है और इसको आयोजित करने का जिम्मा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी एसएससी का है। एसएससी सीजीएल एग्जाम दो चरणों- टियर-1 और टियर-2 में आयोजित किया जाता है। टियर-1 एग्जाम में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित होते हैं। टियर-1 में जनरल इंटेलिजेंस एन्ड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन विषयों से 25-25 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र हल करने के लिए एक घंटे का समय होता है। पेपर-1 सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है। जो उम्मीदवार टियर-1 एग्जाम में सफलता प्राप्त करते हैं वे टियर-2 एग्जाम में भाग ले सकते हैं। इसमें मैथ्मेटिकल एबिलिटी, इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंशन एवं जनरल अवेयरनेस से प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट भी लिया जाता है।

चयन प्रक्रिया तथा वेतन

सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर पद के लिए चयन प्रक्रिया कई चरणों में संपन्न होती है। प्रारंभ में, उम्मीदवारों को प्रथम चरण की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। सफल उम्मीदवार द्वितीय चरण की परीक्षा में भाग लेते हैं, जिसमें एक ऑनलाइन परीक्षा और उसके बाद कौशल परीक्षा होती है। सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर को 7वें वेतनमान आयोग के तहत पे लेवल-7 की सैलरी दी जाती है। इस तरह एक्साइज कॉन्स्टेबल को 44900 रुपये से लेकर 1,42400 रुपये का पैकेज दिया जाता है। बेसिक पे 44,900 रुपए का होता है। साथ ही एचआरए, ट्रैवल अलाउंस समेत अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं।

इसी साल से केन्द्र सरकार का आठवां वेतन आयोग लागू होने वाला है जिसके अनुसार यह वेतन बढ़कर एक लाख रुपए प्रतिमाह तक हो जाने की संभावना है। बेहतरीन वेतन, स्टेबिलिटी और प्रमोशन के अवसरों के कारण यह पद आकर्षक है। यह भूमिका केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र में क्षेत्र कार्य और प्रशासनिक कार्यों के बीच लचीलापन प्रदान करती है। यह संतुलन निरीक्षकों को प्रत्यक्ष प्रवर्तन गतिविधियों और आवश्यक दस्तावेज़ीकरण कार्य दोनों में संलग्न होने की अनुमति

देता है।

शानदार पदों के अवसर

यह भारतीय राजस्व सेवा का हिस्सा है और देश की अर्थव्यवस्था और राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर अनुभव के साथ असिस्टेंट कमिश्नर, डेप्युटी कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर और कमिश्नर जैसे उच्च पदों पर पदोन्नत हो सकते हैं। इसके अलावा वे डब्ल्यूसीओ जैसे विश्व सीमा शुल्क संगठन में भी काम कर सकते हैं।

प्रमुख संस्थान

वैसे तो सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर बनने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन ही है। लेकिन इसकी कम्बाइण्ड परीक्षा की तैयारी के लिए कई संस्थान तैयारियां करवाते हैं जिनमें दोनों चरणों की तैयारियों के साथ मॉक टेस्ट और शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (अब जीएसटी के अंतर्गत) में आधिकारिक प्रशिक्षण के लिए,राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं मादक पदार्थ अकादमी, आयकर विभाग (आईआरएस) सर्वोच्च सरकारी निकाय है, जो मुंबई और चेन्नई जैसे क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (जेडटीआई) के माध्यम से आईआरएस अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करता है। सामान्य उम्मीदवारों के लिए, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग (आईआईजेओटी) , साई श्रद्धा इंस्टीट्यूट , भारतीय कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान जैसे निजी संस्थान और आईआईएसडीटी जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अप्रत्यक्ष कर कानूनों, लेखांकन और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए एसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं के लिए डिप्लोमा/कोचिंग प्रदान करते हैं। इसके अलावा भारत भर में कई स्थानीय संस्थान एसएससी सीजीएल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान करते हैं, जिसमें केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक जैसे पद शामिल हैं, और कराधान और वित्त विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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