ईडी ने गुजरात से गिरफ्तार किया आईएएस अधिकारी
रिश्वतखोरी से जुड़ा धन शोधन मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व जिलाधिकारी और 2015 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार,...
रिश्वतखोरी से जुड़ा धन शोधन मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पूर्व जिलाधिकारी और 2015 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, पटेल को एक हफ्ते पहले उनके जिलाधिकारी पद से बिना किसी नई तैनाती के स्थानांतरित किया गया था। यह कदम उस समय उठाया गया जब ईडी ने उनके कार्यालय में तैनात उप मामलतदार (राजस्व अधिकारी) चंद्रसिंह मोरी को रिश्वतखोरी के आरोपों में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने पटेल और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद, गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने पटेल, उनके निजी सहायक जयराजसिंह झाला, क्लर्क मयूर सिंह गोहिल और उप मामलतदार मोरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
ईडी की टीम ने 23 दिसंबर को मोरी के आवास पर छापेमारी के दौरान 67.5 लाख रुपये नकद बरामद किए। जांच में सामने आया कि मोरी ने यह रकम वैधानिक भूमि उपयोग आवेदन के त्वरित निपटारे के लिए आवेदकों से रिश्वत के रूप में ली थी। ईडी ने कहा कि रिश्वत की राशि प्रति वर्ग मीटर के आधार पर तय की जाती थी।
जांच में यह भी पता चला कि सुरेंद्रनगर जिलाधिकारी कार्यालय में लोक सेवकों के सुनियोजित वसूली और रिश्वतखोरी के माध्यम से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और आपराधिक आय अर्जित की जा रही थी। मोरी के जिम्मे सौराष्ट्र घरखेड़ किरायेदारी बंदोबस्त और कृषि भूमि अध्यादेश 1949 के तहत मालिकाना हक सत्यापन और भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) से जुड़े आवेदन थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आवेदनों को जल्दी मंजूरी देने के लिए रिश्वत ली।

