लोहड़ी की रंगत निखारने वाले स्वादिष्ट व्यंजन
लोहड़ी के पर्व पर बनने वाले व्यंजनों में तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। हालांकि मकई की रोटी व सरसों के साग की खुशबू भी घर को लोहड़ी के रंग में रंग देती है। वहीं इस मौके पर...
लोहड़ी के पर्व पर बनने वाले व्यंजनों में तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। हालांकि मकई की रोटी व सरसों के साग की खुशबू भी घर को लोहड़ी के रंग में रंग देती है। वहीं इस मौके पर घर में बने ड्राईफ्रूट पंजाबी पिन्नी, तिल-गुड़ की रेवड़ी, गजक तथा गुड़ की खीर जैसे व्यंजनों का स्वाद लोहड़ी पर्व को और खास बना देता है। दरअसल, ये व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि परंपरा, स्वास्थ्य और सामूहिक आनंद का प्रतीक हैं।
पंजाब और उत्तर भारत में लोहड़ी केवल एक पर्व ही नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा, खेतों में की गयी मेहनत और रिश्तों की मिठास का उत्सव है। सर्द रात में जलती अग्नि के चारों ओर घूमते लोग, लोकगीत, ढोल की थाप और तिल–गुड़ की खुशबू… यही लोहड़ी की पहचान है। इस पर्व पर बनने वाले व्यंजन भी उतने ही खास होते हैं, जिनमें तिल और गुड़ का विशेष महत्व है। ये ना केवल स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत और समृद्धि के प्रतीक भी माने जाते हैं। लोहड़ी के ये व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि परंपरा, स्वास्थ्य और सामूहिक आनंद का प्रतीक हैं। तिल, मकई और गुड़ की गर्माहट मिलकर लोहड़ी को एक संस्कृति से जुड़ा लोकपर्व बना देते हैं।
यही वजह है कि लोहड़ी की आग जितनी ऊष्मा देती है, उसकी थाली उतनी ही मिठास और अपनापन। तिल और गुड़ का सेवन शरीर को गर्माहट देता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है। पाचन सुधारता है और खून की कमी दूर करता है। सरसों का साग और मक्की की रोटी सर्दियों का एक पौष्टिक आहार है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाता है और वजन घटाने में मददगार है, क्योंकि यह फाइबर, विटामिन (ए, सी, के), आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह दिल को हेल्दी रखने और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाने में सहायक है। यह पांच रेसिपीज सर्दियों में ऊर्जा के अच्छे स्रोत हैं।
ड्राईफ्रूट पंजाबी पिन्नी
क्या चाहिए - गेहूं का आटा 1 कप, देसी घी ¾ कप, चीनी पाउडर या गुड़ पाउडर ¾ कप, बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट (सभी 2-2 बड़े चम्मच मोटे कटे हुए), खसखस 1 चम्मच, गोंद 3 बड़ा चम्मच तली हुई, इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच।
कैसे बनाएं : कढ़ाही में देसी घी गरम करें। उसमें गेहूं का आटा डालें और धीमी आंच पर चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें। आटे से खुशबू आने लगे तो उसमें खसखस और तली हुई गोंद डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट डालकर भूनें। अब कढ़ाही को आंच से उतार लें और मिश्रण हल्का ठंडा होने दें। मिश्रण गुनगुना रह जाए, तब उसमें चीनी पाउडर या गुड़ पाउडर और इलायची पाउडर मिलाएं। सभी सामग्री मिलाने के बाद हाथों पर थोड़ा घी लगाकर मध्यम आकार की पिन्नियां बना लें। ठंडी होने पर पिन्नियां अच्छी तरह सेट हो जाती हैं। इन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर कई दिन रखा जा सकता है।
तिल-गुड़ की रेवड़ी
क्या चाहिए - सफेद तिल 1 कप, देसी गुड़ एक¾ कप (कद्दूकस किया हुआ ), चीनी 2 बड़े चम्मच, पानी ¼ एक कप, इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच, खसखस 1 बड़ा चम्मच
कैसे बनाएं: तिल को धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। दूसरी ओर कड़ाही में गुड़ और थोड़ी चीनी डालकर पानी के साथ एक तार की चाशनी बनाएं। चाशनी तैयार होते ही इसमें भुने तिल और इलायची डालकर मिलाएं। इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर चिकनी थाली पर रखें। ठंडी होते ही कुरकुरी और मीठी रेवड़ी तैयार हो जाएंगी।
मूंगफली-गुड़ की चिक्की
क्या चाहिए- मूंगफली एक कप, गुड़ तीन-चौथाई कप, घी आधा छोटा चम्मच।
कैसे बनाएं : मूंगफली को धीमी आंच पर कुरकुरी होने तक भून लें। ठंडी होने पर उसका छिलका उतार लें और दानों को हल्का सा कूट लें। अब कढ़ाही में गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं। गुड़ पिघलने लगे तो उसमें घी मिलाएं और चलाते रहें। जब गुड़ पिघलकर गाढ़ा हो जाए, तब उसमें मूंगफली डालकर मिलाएं। तैयार मिश्रण को तुरंत घी लगी थाली या ट्रे में डालकर फैलाएं और बेलन से हल्का दबाकर समतल कर दें। मिश्रण हल्का ठंडा होने पर चाकू से मनचाहे आकार में काट लें। गुड़ की स्वादिष्ट चिक्की तैयार है।
गुड़ वाली खीर
क्या चाहिए- दूध 1 लीटर, चावल ¼ कप, देसी गुड़ ¾ कप (कद्दूकस किया हुआ), इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच, बादाम 1 बड़ा चम्मच (कटे हुए), काजू 1 बड़ा चम्मच, किशमिश 1 बड़ा चम्मच।
कैसे बनाएं : चावल अच्छी तरह साफ पानी से निकाल लें। दूध उबालकर उसमें धुले हुए चावल डालें और धीमी आंच पर पकाएं। जब चावल गल जाएं, तब आंच बंद करके थोड़ा ठंडा होने पर गुड़ मिलाएं। फिर इलायची और ड्राई फ्रूट्स डालकर खीर को सजाएं।
सरसों का साग और मक्के की रोटी
क्या चाहिए- सरसों की पत्तियां 500 ग्राम, पालक 200 ग्राम, बथुआ 100 ग्राम, हरी मिर्च 2–3 बारीक कटी हुई, अदरक 1 इंच टुकड़ा (कटा हुआ), लहसुन 6–8 कलियां, मक्के का आटा 2 बड़े चम्मच, देसी घी 2 बड़े चम्मच, नमक। मक्के का आटा 2 कप, गुनगुना पानी, नमक ½ छोटा चम्मच, मक्खन या देसी घी परोसने के लिए।
कैसे बनाएं: सभी सरसों की हरी पत्तियां, पालक और बथुआ को अच्छी तरह धोकर मोटा-मोटा काट लें। इन्हें प्रेशर कुकर में अदरक, हरी मिर्च और नमक के साथ नरम होने तक पकाएं। पकने के बाद इसे मथनी या मिक्सर से दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में घी गर्म कर लहसुन का तड़का लगाएं और साग डालकर मक्के का आटा मिलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं। गाढ़ा, खुशबूदार सरसों का साग लोहड़ी की रात में सर्दी को मात देता है। लोहड़ी पर सरसों के साग के साथ मकई की रोटी का स्वाद ही निराला है। मक्के की रोटी बनाने के लिए इसके आटे में नमक डालकर गुनगुने पानी से सख्त आटा गूंथ लें। हाथों को हल्का गीला करके आटे की लोई को थपथपाते हुए गोल आकार दें। तवे पर धीमी आंच में रोटी को दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। ऊपर से मक्खन लगते ही इसकी खुशबू पूरे घर को लोहड़ी के रंग में रंग देगी।
तिल-गुड़ की गजक
यह सर्दियों का ताकतवर व परंपरागत व्यंजन है-
क्या चाहिए : गजक के लिए काले या सफेद तिल, गुड़, थोड़ा सा घी और इच्छानुसार मूंगफली ली जाती है। कुछ घरों में इसे और खुशबूदार बनाने के लिए सौंफ या इलायची भी डाली जाती है।
कैसे बनाएं : तिल को भूनकर अलग रख लिया जाता है। फिर कड़ाही में गुड़ को पिघलाकर गाढ़ी चाशनी बनाई जाती है। जब गुड़ सही गाढ़ापन पकड़ ले, तब इसमें तिल और मूंगफली मिलाकर तेजी से चलाएं। इस मिश्रण को घी लगी थाली पर पतला फैलाकर बेलन से समतल कर लें। हल्का ठंडा होने पर मनचाहे आकार में काट लें। कुरकुरी गजक का स्वाद लोहड़ी को और खास बना देता है।
-लेखिका खानपान मामलों की यूट्यूबर हैं।

