सिर में जुंएं पड़ जाना ऐसी समस्या है जिसका आमतौर पर इलाज हो जाता है, लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है। खासकर बच्चों व महिलाओं को ज्यादा खतरा रहता है। बहुत दिनों तक जुंओं से छुटकारा न मिलने, बार-बार खुजलाने से हुए घावों के कारण इंफेक्शन कई बार खतरनाक भी साबित हो सकता है। जुंओं के जोखिमों, बचाव के उपायों, सावधानियों व उपचार के बारे में दिल्ली स्थित जनरल फिजीशियन डॉ. आरिका अग्रवाल से रजनी अरोड़ा की बातचीत।
पिछले दिनों उड़ीसा के पुरी (उड़ीसा) में 12 वर्ष की लड़की की जुंओं के कारण मौत की खबर काफी सुर्खियों में रही। डॉक्टरों का मानना है कि वह लंबे समय से जुंओं से परेशान थी। जुंओं से छुटकारा न मिलने, बार-बार खुजलाने से हुए घावों के कारण कई तरह की जटिलताएं और सेप्टिसीमिया इंफेक्शन हो गया था। जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। जुंएं आमतौर पर बच्चों के सिर में कई बार पड़ ही जाती हैं। अधिकतर लोग इसे नॉर्मल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन इस बच्ची की मौत से यह बात स्पष्ट हो गई है कि अनदेखी करने पर छोटी-सी जूं भी हमारे लिए घातक हो सकती है। असल में जुंएं (वैज्ञानिक नाम पेडिक्यूलस ह्यूमंस कॉरपोरिस) छह पैरों वाले परजीवी हैं। जो दूसरे जीवों पर रहकर अपने जीवन बिताते हैं और उनसे अपना भोजन प्राप्त करते हैं। आम भाषा में इन्हें सकिंग लिस कहा जाता है क्योंकि वे सिर के बालों की जड़ों में रहती हैं और खून चूसकर जीवित रहती हैं। एक जूं रोजाना 5 अंडे देती है जिनमें से 8-10 दिन में जुंएं बाहर आ जाती है और 25-30 दिन तक जिंदा रहती हैं।
समुचित ध्यान न रखने या लापरवाही बरतने पर दिन-ब-दिन अपनी तादाद बढ़ाती रहती हैं। रेंगने और खून चूसने के कारण व्यक्ति की स्कैल्प या सिर की त्वचा पर खुजली होने लगती है। अजीब-सी दुर्गन्ध आने लगती है। सिर में दाने या घाव हो जाते हैं जिनमें बैक्टीरियल-संक्रमण का खतरा बना रहता है। बार-बार सिर खुजलाने पर दूसरों के सामने व्यक्ति उपहास का पात्र भी बनता है जिसकी वजह से वह दूसरों से कटने और अकेले रहने लगता है।
जुंएं किन्हें पड़ती हैं ज्यादा
जुंएं किसी भी आयुवर्ग के लोगों के सिर में हो सकती हैं, लेकिन 11 साल तक के बच्चों में बहुधा देखने को मिलती हैं। पुरुषों के मुकाबले लड़कियों या महिलाओं के बाल अधिक लंबे और घने होते हैं जिसकी वजह से जुंओं के होने की समस्या उनमें अधिक होती है। पर्सनल हाइजीन का ध्यान न रख पाने के कारण जुंएं कई बच्चों और बुजुर्गों के बालों में भी ज्यादा और बार-बार पड़ती हैं। जुंओं से छुटकारा पाने के समुचित कदम न उठा पाने या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जुंओं से होने वाली समस्याओं का सामना भी ज्यादा करते हैं।
ये हैं वजहें
* फिजिकल हाइजीन का ध्यान नहीं रखने पर। * कई दिनों तक बाल न धोने पर। * स्कूल में साथ खेलने, भीड़भाड़ या गंदी जगह उठने-बैठने पर। जिनके बालों में जुंएं होती हैं ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से जुंएं एक सिर से दूसरे सिर में ट्रांसफर हो जाती हैं। * प्रभावित व्यक्ति की पर्सनल चीजें (कंघी, कपड़े, टोपी, स्कार्फ, टॉवल या बिस्तर) शेयर करने पर।
जुंओं से क्या है खतरा
सिर की जुंएं आमतौर पर एक सामान्य और इलाज योग्य समस्या है, लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना गंभीर और कभी-कभी जानलेवा जटिलताओं को जन्म दे सकता है, मसलन : * लगातार खुजली और सेप्टीसीमिया इंफेक्शन : लगातार खुजली से सिर की त्वचा पर घाव बन जाते हैं। कई मामलों में खुजली से बने घावों में पनपे बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। रक्त में फैलकर सेलुलाइटिस, फॉलिकुलाइटिस, सेप्टीसीमिया जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकते हैं। समुचित उपचार न होने पर ये जानलेवा भी हो सकते हैं। * एनीमिया : लंबे समय तक जुंओं के खून चूसने से शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और एनीमिया का खतरा रहता है। * दिल की कमजोरी : एनीमिया की स्थिति में शरीर में रक्त प्रवाह को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। जिससे हृदय कमजोर हो सकता है और हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ सकता है। * दवाओं के साइड इफेक्ट : जुंओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं संवेदनशील व्यक्तियों में गंभीर एलर्जी या विषाक्त प्रतिक्रिया पैदा कर सकती हैं।
ऐसे करें बचाव और उपचार
हालांकि सिर में जुंएं पड़ना कोई बीमारी नहीं है,फिर भी पता चलने पर इनसे छुटकारा पाने के समुचित कदम उठाने जरूरी हैं। अनदेखी करने से पीड़ित व्यक्ति को न केवल तकलीफ झेलनी पड़ती है, बल्कि उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी जुंएं होने का अंदेशा रहता है। कई तरीकों से इन जुंओं से छुटकारा पाया जा सकता है-
* सबसे पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें। उनके द्वारा बताई गई ओवर द काउंटर मेडिसिन, मेडिकेटिड शैम्पू या लोशन सही तरीके से इस्तेमाल करें। * पर्सनल हाइजीन को मेंटेन करें खासकर सप्ताह में 2 बार बाल जरूर धोएं। * प्रभावित व्यक्ति के कपड़े, बेडशीट्स, पिलो कवर नियमित रूप से गर्म पानी में धोएं। कंघी साफ रखें। * पतले दांतों वाली कंघी इस्तेमाल करें। बालों में तेल लगाकर या कंघी पानी से गीली करके बाल बनाएं। कंघी में जुंएं और लीखें फंस जाती हैं और बालों से बाहर निकल जाती हैं। * जिनके बालों में जुएं हैं उनसे दूरी बनाए रखें और उनकी पर्सनल चीजों को इस्तेमाल न करें। यथासंभव बैड, सोफा भी शेयर करने से बचें। * बालों में जुंएं ज्यादा हो गई हों या फिर खुजली ज्यादा हो रही हो, पिंपल्स या दाने हो गए हों- तो डॉक्टर से यथाशीघ्र संपर्क करें।
मददगार घरेलू नुस्खे
कुछ प्राकृतिक तरीके बालों से जुंएं और लीखें हटाने में आपकी मदद कर सकते हैं, मसलन : *कपूर+नारियल का तेल- नारियल तेल में कपूर मिलाकर बालों पर मसाज करें या फिर तेल रात भर बालों में लगाकर रखें ,सुबह हेयर वाश कर लें। दो से तीन बार में आराम मिलेगा। * नींबू का रस- नींबू का रस कुछ देर के लिए बालों में लगाएं और गुनगुने पानी से बालों को धो लें।* प्याज का रस- प्याज में मौजूद सल्फर जुंओं- लीखों को हटाने में उपयोगी है। प्याज का रस बालों में आधे घंटे के लिए लगाकर धो लें।* नीम की पत्तियां- पत्तियों को पानी में अच्छी तरह से उबाल लें ।पानी को ठंडा कर के बालों को धो लें।* एसेंशियल ऑयल- ये पौधों के लाभकारी लिक्विड एक्सट्रेक्ट होते हैं जो जुंओं- लीखों से छुटकारा पाने के लिए काफी कारगर है। नारियल के तेल में 8-10 बूंद पिपरमेंट या ट्री ट्री ऑयल और 8-10 बूंद नींबू का रस मिलाकर लगाएं। 2 घंटे बाद बालों को शैंपू कर लें। * लहसुन और नींबू - लहसुन और नींबू के रस का पेस्ट बनाकर सिर पर लगाएं और 1 घंटे बाद गर्म पानी से धो लें।

