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हल्के डिनर से होगी आपके स्वास्थ्य की रक्षा

स्वस्थ रहने के लिए माना जाता रहा है कि रात का भोजन हल्का-फुल्का होना चाहिये। विशेषज्ञों का भी कहना है कि रात को शरीर भारी भोजन के लिए तैयार नहीं होता। पोषक तत्व पचाने वाले अंग भी कम सक्रिय...

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स्वस्थ रहने के लिए माना जाता रहा है कि रात का भोजन हल्का-फुल्का होना चाहिये। विशेषज्ञों का भी कहना है कि रात को शरीर भारी भोजन के लिए तैयार नहीं होता। पोषक तत्व पचाने वाले अंग भी कम सक्रिय होते हैं। ऐसे में बेहतर है कि नाश्ता व लंच हैवी किया जाये और डिनर हल्का।

हममें से अधिकांश लोग खाने के बारे में एक कहावत सुनते आ रहे हैं कि सुबह का नाश्ता राजा की भांति करो, दोपहर का भोजन राजकुमार की तरह और रात्रि का भोजन एक गरीब आदमी की तरह करो। विभिन्न विशेषज्ञ आजकल यही बात बार-बार कह रहे हैं। साइकोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. मार्टा गारुलेट का भी यही कहना है, ‘हमें रात के समय ज्यादा भारी मात्रा में भोजन करने से बचना चाहिए।’ सुबह का नाश्ता थोड़ी ज्यादा मात्रा में खाना चाहिए। क्योंकि उस समय हमारा शरीर अपने पूरे दिन की गतिविधियों के लिए खुद को तैयार कर रहा होता है। रात के खाने और सुबह के नाश्ते में एक लंबा गैप होता है, उस समय हमारा शरीर जाग रहा होता है और उसे दिनभर के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए सुबह के नाश्ते की शुरुआत प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों से करनी चाहिए, जिससे पेट पूरा दिन भरा रहे।

स्वस्थ रहने के लिए डिनर हल्का-फुल्का

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दिन के समय भी हम सम्पूर्ण और संतुलित आहार ले सकते हैं। लेकिन रात के खाने का समय होने पर हमें पेट के भरेपन का अहसास होता है और हमारा शरीर भारी व ज्यादा भोजन के लिए तैयार नहीं होता। इसके अलावा हमें शाम को हैवी स्नैक्स भी नहीं लेने चाहिए। डिनर कम कैलोरीयुक्त होना चाहिए ताकि ब्लड शुगर में बढ़ोतरी न हो। मोटा अनाज, फल, सब्जियां , दालें, ग्रिल्ड फिश, जैसी चीजों से बचना चाहिए। रात का खाना कम खाने से न केवल हम वजन को नियंत्रित रख सकते हैं बल्कि इससे हम स्वस्थ भी रह सकते हैं।

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भरपूर कैलोरी वाला नाश्ता

हैवी नाश्ता करने का मतलब ही है दिनभर की कैलोरी को सुबह के समय लेना, जो हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी के अनुकूल होता है। सुबह हमारा शरीर इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है और वह ब्लड में शुगर को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकता है। वसा को अधिक प्रभावी ढंग से पचा सकता है।

वजन पर नियंत्रण का मंत्र

सुबह चयापचय अधिक तेज होता है, शाम को यह धीमा हो जाता है। विभिन्न अध्ययनों से भी यह पता चलता है कि जो लोग नाश्ता अधिक और रात का कम भोजन करते हैं, वे अपना वजन घटाने में काफी कामयाब होते हैं। इसके अलावा सुबह भरपेट भोजन करने से दिनभर भूख पर नियंत्रण रहता है।

डिनर हैवी करने की वजह

अगर आपको भी रात को हैवी और वैरायटीफुल खाना खाने की आदत है, तो अपने खाने की आदतों में बदलाव करना थोड़ा मुश्किल होता है। कुछ लोग सुबह काम पर जाने की जल्दी में नाश्ता आधा-अधूरा करते हैं। दोपहर टिफिन लेकर नहीं जाते , उनके लिए रात्रि भोजन ही कम्पलीट और संतुष्टिदायक होता है। जिसे वे आदत बना लेते हैं। जबकि हैवी डिनर के बारे में मेडिकल क्रोनोबायोलॉजी प्रोग्राम में बोस्टन के एक हॉस्पिटल के डॉ. फ्रैंक कहते हैं, ‘सुबह शरीर ज्यादा भारी भोजन पचा सकता है। लेकिन दिन गुजरने के साथ पोषक तत्वों को मेटाबॉलाइज करने वाले लीवर और पैनक्रियाज आदि अंग धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगते हैं। यही वजह है कि रात को भारी भोजन शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियों की सुचारू प्रक्रिया में बाधा डालते हैं।’

आदतों में रफ्ता-रफ्ता लाएं बदलाव

जो लोग सुबह नाश्ता ज्यादा भारी नहीं करना चाहते, उन्हें शुरुआत में नाश्ता थोड़ा-थोड़ा कम करना चाहिए। दही, दूध या फल से शुरुआत करें। धीरे-धीरे खाने की मात्रा बढ़ाएं, उनमें फल, मेवे और हल्का कार्बोहाइड्रेटयुक्त नाश्ता लें।

समय

अगर आप रात का खाना छोड़ना नहीं चाहते तो यदि संभव हो तो शाम को 6 बजे तक खाना यानी सोने से कम से कम 3 या 4 घंटे पहले खा लेना चाहिए।

बदलते रहें

जीवनशैली के अनुरूप भी रात के डिनर में बदलाव की गुंजाइश रखें। क्योंकि परिवार के साथ कभी-कभी बाहर जाकर खाना, किसी के घर डिनर करना या कोई और बदलाव। जिस दिन ऐसा हो, उस दिन दिन के समय हल्का खाएं। रात का खाना उस दिन सबसे बड़ा भोजन रखें। भोजनशैली में बदलाव से ही आप वजन कम तो कर ही सकते हैं, लाइफस्टाइल रोगों से भी बच सकते हैं। -इ.रि.सें.

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