ज्यादा सर्दियों के मुकाबले फरवरी की हल्की सर्दियों में फिटनेस स्तर बढ़ाना आसान होता है। इस माह से व्यायाम व संतुलित खानपान अपनाने की फिर से शुरुआत करके पूरे साल सेहत की नींव मजबूत रह सकती है। सालभर के लक्ष्य तय करें। बेहतर है पहले वॉक व लाइट एक्सरसाइज का रुटीन बनाएं। वहीं आसन-प्राणायाम भी लाभकारी हैं। साथ ही संतुलित डाइट हो तो सोने में सुहागा।
साल का दूसरा महीना फरवरी केवल कैलेंडर का एक पन्ना नहीं होता बल्कि जीवनशैली को रि-सेट करने का मौका भी होता है। क्योंकि फरवरी माह में भारत के ज्यादातर हिस्से में मौसम काफी हद तक अनुकूल होता है। अमूमन फरवरी में न बहुत सर्दी होती है और न बहुत गर्मी होती है, हिमालयन रेंज को छोड़कर। इसलिए ये महीना फिटनेस की आदतें बनाने और उन्हें मजबूत करने का महीना भी जाना जाता है। अगर फरवरी माह को सही ढंग से इस्तेमाल किया जाए, तो पूरे साल सेहत की नींव मजबूत रह सकती है। तो जानिये फरवरी के महीने में किस तरह अपनी फिटनेस को रि-स्टार्ट करके पटरी पर लाना चाहिए।
फिटनेस के लक्ष्य
सबसे पहले तो यह तय कर लें कि फरवरी में फिटनेस के लिए क्या जरूरी लक्ष्य रखें ताकि सेहत संबंधी अधिकतम फायदा उठाया जा सके। फरवरी में फिटनेस के मुख्य लक्ष्य कुछ इस प्रकार हो सकते हैं- * शरीर की जकड़न को खत्म करना। * स्टेमिना बढ़ाना और बरकरार रखना।* सर्दियों में बढ़े वजन को नियंत्रित करना।* इम्यूनिटी मजबूत करना।* गर्मी के लिए शरीर को तैयार करना।
एक्सरसाइज और रुटीन
शायद इसीलिए फरवरी को सेहत के लिए रि-स्टार्ट का महीना भी कहते हैं। फरवरी के लिए जो आदर्श एक्सरसाइज और रुटीन हो सकता है, वह कुछ इस प्रकार से है- * मॉर्निंग वॉक करें, जिसमें हल्की जॉगिंग भी शामिल हो। इसके लिए 30-40 मिनट तक तेज-तेज चलें और सप्ताह में तीन दिन पांच से लेकर दस मिनट तक इस वॉकिंग में तेज जॉगिंग को भी जोड़ें। * इस मौसम में एक्सरसाइज के लिए सबसे आदर्श जगह खुले पार्क, छत या धूप वाली कोई बेहतर जगह होती है। इससे हार्ट हेल्थ बेहतर होता है। फैट बर्न होता है और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए भी शरीर तैयार होता है। एक हफ्ते की मॉर्निंग वॉक और जॉगिंग के बाद अगले हफ्ते तीन दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करनी चाहिए।
स्क्वॉयट तथा योग
व्यायाम के लिए जो घर पर किए जाने वाले बेसिक अभ्यास हैं, उनमें स्क्वॉयट 15-15 तीन बार। पुशअप -10-10 तीन बार। प्लेंक- 0 सेकंडx3। इस स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल्स मजबूत होती हैं। अगर इस ट्रेनिंग के साथ-साथ इसमें योग और स्ट्रेचिंग को भी मिला लें, हर दिन सिर्फ 20 मिनट तो समझिये सोने में सुहागा है। योग और स्ट्रेचिंग के लिए हर दिन सूर्य नमस्कार 8 से 12 राउंड के अलावा भुजंगासन, ताड़ासन, वज्रासन, पवनमुक्त आसन, फायदेमंद होते हैं। इनसे शरीर का लचीलापन बढ़ता है और जोड़ों की अकड़न खत्म होती है। * इन सबके साथ-साथ ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना न भूलें। इसके लिए 10 मिनट अनुलोम-विलोम करें और 5 मिनट कपालभाति करें। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं और आपकी इम्यूनिटी भी बेहतर होती है।
फरवरी में फिटनेस रि-स्टार्ट की खासियत
दरअसल, सर्दियों में शरीर सुस्त हो जाता है। खानपान भारी रहता है और गतिविधियां कम या बिल्कुल कम रहती हैं। लेकिन फरवरी का महीना आते-आते शरीर उस सुस्ती से बाहर निकलने लगता है। धूप में हल्की गरमाइश आ जाती है। सुबह जल्दी रोशनी दिखती है और कई जगहों पर तो पसीना भी आने लगता है। ऐसे में एक्सरसाइज शुरू करना तुलनात्मक रूप से न सिर्फ आसान बल्कि ज्यादा फायदेमंद भी होता है। लेकिन यह ध्यान रखें कि फरवरी में एकदम से एक्सरसाइज का कठोर रूटीन न अपनाएं बजाय इसके इस महीने में धीरे-धीरे फिर से एक्सरसाइज की आदत डालें और जैसे-जैसे दिन बीतें उसे तेज करते चलें। ऐसा करने से फरवरी साल का शानदार फिटनेस मंथ बनकर उभरता है।
छोटे टार्गेट तय करें
फिटनेस रि-स्टार्ट के लिए फरवरी का महत्व इसलिए है कि फरवरी में शुरुआत करना आसान और एक्सरसाइज में सुधार तथा निरंतरता कायम करना बेहतर रहता है। लेकिन रि-स्टार्ट के समय कभी बहुत ज्यादा समय तक जिम न करें। इससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इस महीने में एक्सरसाइज के छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें और कोशिश करें कि उनमें नियमितता रहे। अगर हर दिन 30 मिनट भी दिए जाएं तो बहुत नतीजापरक होते हैं।
उपयोगी डाइट का मंत्र
सिर्फ फिट रहना एक्सरसाइज करना ही नहीं होता, इसके लिए उपयोगी डाइट भी जरूरी होती है। अतः फरवरी में शरीर को भारी भोजन से हल्के भोजन की तरफ शिफ्ट करें, जिसका क्रम कुछ इस तरह से बनाएं- * मौसमी सब्जियां जैसे गाजर, चुकंदर, पत्तागोभी और पालक को अपनी नियमित डाइट में शामिल करें। * फलों में संतरा, अमरूद और पपीता महत्वपूर्ण हैं। * इस महीने में प्रोटीन के लिए दाल, दही, पनीर आदि खाएं।* इस महीने में शरीर के लिए साबुत अनाज भी खासकर ओट्स, ब्राउन राइस और बाजरा अच्छे होते हैं।
लेकिन खाने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि क्या चीज न खाएं या कम खाएं। इनमें- तली चीजें, ज्यादा मीठा, पैकेज्ड स्नैक्स और देर रात खाना छोड़ें। क्योंकि डाइट में सुधार करना फिटनेस रि-स्टार्ट का सबसे कामयाब मंत्र है।
वजन घटाने का सही समय
सर्दियों में अकसर वजन बढ़ जाता है और फरवरी में आमतौर पर इसे कम करने की प्रक्रिया शुरू होती है। क्योंकि फरवरी में बदन से पसीना निकालना आसान होता है, फरवरी में दूसरे महीनों के मुकाबले मूवमेंट करना सहजता से संभव होता है। लेकिन ये सब फायदे तभी मिल सकते हैं, जब हम भूख नियंत्रित करें और खाने के तीन जरूरी नियमों का पालन करें। मसलन, रात का खाना शाम 6 से 7 बजे तक हर हाल में खा लें, रोज कम से कम 8 से 10 हजार कदम चलें। मीठे पेय जितना संभव हो बंद कर दें और शरीर के साथ-साथ मानसिक फिटनेस के लिए हर दिन पांच मिनट ध्यान जरूर लगाएं। साथ ही सुबह के समय धूप का सेवन करें और अपने स्क्रीन टाइम को घटाएं।
इस तरह देखें तो वैज्ञानिक दृष्टि से फरवरी माह में हम अपनी फिटनेस दुरुस्त कर सकते हैं। क्योंकि इस माह में देश के ज्यादातर हिस्सों में आमतौर पर तापमान 15 से 25 डिग्री के बीच रहता है। जो शारीरिक गतिविधियों के लिए आदर्श तापमान होता है। कई रिसर्च बताती हैं कि मध्यम तापमान में व्यायाम करने से हार्ट रेट स्थिर रहता है और चोट का जोखिम भी कम होता है। इसलिए ज्यादा सर्दियों के मुकाबले फरवरी की गुलाबी सर्दियों में फिटनेस बढ़ाना आसान होता है। -इ.रि.सें.

