जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति नहीं, 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद
Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू, जंतर-मंतर समेत प्रमुख स्थानों पर भारी सुरक्षा
Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है और शुक्रवार को नयी दिल्ली व उसके आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है। वहीं, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली मेट्रो ने 11 स्टेशन बंद कर दिया हैं।
यहां ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), राज्यसभा सदस्य मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होना प्रस्तावित है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नयी दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
निषेधाज्ञा के तहत पूर्व लिखित अनुमति के बिना, पांच या अधिक लोगों के सार्वजनिक रूप से जमा होने, सभा करने, जुलूस, प्रदर्शन, घेराव करने और धरने देने पर प्रतिबंध है। यह आदेश नारे लगाने, भाषण देने और आग्नेयास्त्र (हथियार), बैनर, तख्तियां, लाठियां, तलवारें, छड़ें, ईंट-पत्थर या इसी तरह की अन्य वस्तुएं ले जाने पर भी रोक लगाता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''जन सुरक्षा सुनिश्चित करने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सुगम तरीके से संचालित करने के लिए आदेश लागू किया गया है।''
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन में करीब तीन से चार हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसे देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर और नयी दिल्ली जिले के अन्य प्रमुख स्थानों पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने और किसी भी अनधिकृत सभा को रोकने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं। प्रवेश और निकास द्वारों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शन के आयोजक मतदाता सूचियों में विसंगतियों और चुनावों के संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और कार्यकर्ता, भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्य तथा अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस का यह फैसला आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, भूषण और झा द्वारा एक पत्रकार वार्ता में प्रस्तावित सभा की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद आया है। बोरा ने कहा कि आयोजकों ने संसद मार्ग थाने की पुलिस को प्रदर्शन के समय, संभावित उपस्थिति और इसके आयोजन के लिए जिम्मेदार लोगों की पूरी जानकारी दे दी थी।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और 'आप' के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी 'एक्स' पर लोगों से इस सभा में शामिल होने का आग्रह किया और कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
वहीं, विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जंतर-मंतर के नजदीक स्थित पटेल चौक सहित 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिया। ये लोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाताओं के बड़े पैमाने पर कथित रूप से नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नयी दिल्ली स्टेशनों पर प्रवेश व निकास अगले आदेश तक बंद रहेगा। हालांकि, डीएमआरसी ने बताया कि राजीव चौक, मंडी हाउस, नयी दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर इंटरचेंज (ट्रेन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

