Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Ghaziabad Sisters Death Case: पिता की तीसरी शादी, बयानों में विरोधाभास और ‘अजीब’ रहन-सहन पर उठे सवाल

Ghaziabad Sisters Death Case: गाजियाबाद में एक हाईराइज इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
चेतन कुमार। पीटीआई फाइल फोटो
Advertisement

Ghaziabad Sisters Death Case: गाजियाबाद में एक हाईराइज इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों के मामले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ रही है, पिता चेतन कुमार के बयानों में विरोधाभास, उनके वैवाहिक संबंधों की अस्पष्टता और बच्चियों की घरेलू स्थिति से जुड़े कई परेशान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, चेतन की तीन शादियां, गंभीर आर्थिक संकट, बार-बार बदले गए बयान और बच्चों की जीवनशैली अब जांच के केंद्र में हैं।

Ghaziabad Sisters Death Case: तीसरी पत्नी का खुलासा

पुलिस का कहना है कि चेतन ने बताया कि वह वर्ष 2018 में गाजियाबाद में क्रेडिट कार्ड सेवाओं से जुड़ा काम कर रहा था, जहां उसने टीना नाम की एक युवती को नौकरी पर रखा। बाद में दोनों के बीच करीबी बढ़ी और उन्होंने शादी कर ली। यह उसकी तीसरी शादी बताई जा रही है।

Advertisement

टीना की उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है और चेतन से उसकी तीन साल की एक बेटी भी है। हालांकि संदेह इस बात पर है कि चेतन ने पहले पुलिस को टीना को पत्नी नहीं, बल्कि साली बताया था। यह विरोधाभास अब जांच का अहम पहलू बन गया है।

Advertisement

Ghaziabad Sisters Death Case: शादी की टाइमलाइन पर सवाल

चेतन ने स्वीकार किया है कि उसने सुजाता से 2010 और हिना से 2013 में शादी की थी, लेकिन पुलिस के अनुसार यह दावा संदिग्ध है। सुजाता से हुई शादी से उसकी सबसे बड़ी बेटी 16 साल की है, जिससे यह सवाल उठता है कि पहली शादी से संतान न होने का उसका दावा सही कैसे हो सकता है। जांच में यह भी मुश्किल आ रही है कि सुजाता और हिना दोनों अनपढ़ हैं और शादी की सटीक तारीखें या दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं।

Ghaziabad Sisters Death Case: तीन-बीएचके फ्लैट में ‘असामान्य’ रहन-सहन

पुलिस परिवार की रहन-सहन व्यवस्था की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि तीन बेडरूम वाले फ्लैट में रहने के बावजूद पूरा परिवार एक ही कमरे में सोता था। जब चेतन से पूछा गया कि तीनों बच्चियां रात में बिना किसी को बताए कमरे से बाहर कैसे निकल गईं, तो उसने इसे उनकी “रोजमर्रा की आदत” बताया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जवाब और ज्यादा सवाल खड़े करता है।

Ghaziabad Sisters Death Case: कई साल से स्कूल नहीं गई थीं बच्चियां

पुलिस ने पुष्टि की है कि तीनों बहनें कई वर्षों से स्कूल नहीं जा रही थीं। परिवार ने इसका कारण आर्थिक तंगी बताया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चियां पहले किन स्कूलों में पढ़ती थीं, उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड क्या था और पढ़ाई छोड़ने की असली वजह क्या रही। यह भी जांचा जा रहा है कि पढ़ाई में कमजोर होने या बार-बार फेल होने के दावे कितने सही हैं।

Ghaziabad Sisters Death Case: कर्ज के चलते मोबाइल फोन बेचे गए

जांच में सामने आया है कि बच्चियों के पास पहले दो मोबाइल फोन थे, जिन्हें चेतन ने कर्ज बढ़ने के कारण बेच दिया एक फोन करीब छह महीने पहले, जबकि दूसरा घटना से 15 दिन पहले।

फिलहाल दोनों मोबाइल फोन का पता नहीं चल पाया है। पुलिस IMEI नंबर के जरिए उन्हें ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि फोन फॉर्मैट कर दिए गए हों तो डेटा रिकवरी मुश्किल हो सकती है, फिर भी सभी तकनीकी विकल्प अपनाए जा रहे हैं।

Ghaziabad Sisters Death Case: नाना ने कोरियन गेम्स पर प्रतिबंध की मांग की

तीनों बहनों के नाना दिलीप (सीलमपुर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली) ने सरकार से कोरियन टास्क-बेस्ड ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका दावा है कि इन गेम्स का बच्चियों पर असर पड़ा। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में ऐसे किसी ऐप के इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं। बच्चियों के कमरे से मिली नौ पन्नों की पॉकेट डायरी में कोरियन संस्कृति के प्रति आकर्षण, अकेलापन, भावनात्मक तनाव, पारिवारिक कर्ज और घरेलू कलह से जुड़ी चिंता के संकेत मिले हैं।

Ghaziabad Sisters Death Case: ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ प्रदर्शन

घटना के बाद दिल्ली और गाजियाबाद के कुछ इलाकों में ऑनलाइन गेमिंग के विरोध में प्रदर्शन भी हुए। पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर में प्रदर्शनकारियों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इन खेलों पर प्रतिबंध की मांग की। नेशनल अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने ऑनलाइन गेमिंग को बच्चों को “हताशा और आत्मघाती प्रवृत्ति की ओर धकेलने वाला” बताते हुए कड़े कानून और माता-पिता की अनुमति आधारित एक्सेस की मांग की।

Ghaziabad Sisters Death Case: जांच जारी

पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच आर्थिक दबाव, टूटे पारिवारिक रिश्ते, स्कूल से बाहर बच्चे और मानसिक तनाव की पृष्ठभूमि में की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्कूल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन ट्रैकिंग और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के बाद ही अगली कार्रवाई तय होगी। फिलहाल, तीनों बहनों की मौत का मामला कई अनुत्तरित सवालों के साथ गंभीर और पीड़ादायक बना हुआ है।

Advertisement
×