DUSU Election 2026 : 18 सितंबर को वोटिंग, उससे पहले कोर्ट में पहुंचा DUSU चुनाव का मामला; Lyngdoh नियमों के उल्लंघन का आरोप
चुनाव से ठीक पहले दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती
DUSU Election 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। याचिकाकर्ता विजेता ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और Lyngdoh Committee की सिफारिशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
11 सितंबर की नोटिस और चुनाव अधिसूचना रद्द करने की मांग
याचिका में 11 सितंबर को जारी उस नोटिस को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें DUSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की गई थी। इसके अलावा 13 अगस्त की चुनाव अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश देने की मांग की है कि चुनाव DUSU संविधान, सुप्रीम कोर्ट के 22 सितंबर 2006 के फैसले और Lyngdoh Committee की सिफारिशों के मुताबिक ही कराए जाएं।
राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप पर बड़ा सवाल
याचिका में DUSU और संबद्ध कॉलेजों के छात्रसंघ चुनावों में राजनीतिक दलों के किसी भी तरह के हस्तक्षेप पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने Lyngdoh Committee की धारा 6.3 का हवाला देते हुए कहा है कि छात्र चुनाव और राजनीतिक दलों को अलग रखना जरूरी है।
याचिका के मुताबिक NSUI, AISA-SFI, ASAP और ABVP से जुड़े छात्र संगठनों की ओर से चुनावी पैनल जारी किए गए हैं। याचिकाकर्ता का दावा है कि राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय सुरक्षा उपायों के खिलाफ है।
18 सितंबर को मतदान, 19 को होगी मतगणना
याचिका में 13 अगस्त की अधिसूचना और 11 सितंबर की नोटिस पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है। दलील है कि चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने, प्रचार, मतदान, मतगणना और नतीजे घोषित होने के बाद स्थिति ऐसी हो सकती है जिसे बदलना मुश्किल होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के अनुसार DUSU चुनाव 18 सितंबर को होंगे, जबकि मतगणना 19 सितंबर को प्रस्तावित है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले हाईकोर्ट में पहुंची इस याचिका पर बुधवार की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।
DUSU संविधान की धाराओं को भी चुनौती
याचिका में DUSU संविधान की धारा 6(i) और 6(ii) को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ये प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के 2006 के फैसले और Lyngdoh Committee के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। अनुच्छेद 226 के तहत PIL के रूप में दाखिल याचिका में निष्पक्ष, पारदर्शी और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त छात्रसंघ चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट से न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।

