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आर्थिक रूप से कमजोर को मिले मदद... आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग, कनॉट प्लेस में प्रदर्शन; पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली : कनॉट प्लेस में आरक्षण-विरोधी प्रदर्शन, कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया

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नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने UGC इक्विटी रेगुलेशंस (2026) के नोटिफिकेशन का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग किया था। एएनआई फोटो
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Reservation Hatao Andolan : दिल्ली के कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रविवार को जाति-आधारित आरक्षण के खिलाफ और इस व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर करीब 300 लोग जमा हुए, जिनमें से 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां ले रखी थी। उन्होंने आरक्षण एवं सरकारी मदद के लिए पात्रता तय करते समय आर्थिक मानदंडों को महत्व देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उनकी दलील थी कि मदद जाति से परे, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति कनॉट प्लेस पर जमा हुए 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर वहां से हटा दिया गया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के वक्त मौके पर पुलिस बल की भारी मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग 'क्रीमी-लेयर' का नियम लागू करने और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने की है। प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों से संबंधित नीतियों में बदलाव की भी मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ''हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं। हम आरक्षण में सुधार चाहते हैं। सरकार को यह समझना चाहिए कि सभी समुदायों के गरीब लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए।''

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एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि मौजूदा प्रणाली की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसके लाभ उन लोगों तक पहुंचें, जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के ढांचे और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने उन नीतियों की व्यापक समीक्षा की मांग की, जिनका शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर असर पड़ता है।

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यह प्रदर्शन उस लामबंदी का हिस्सा है जो मुख्य रूप से सोशल मीडिया के ज़रिये हुई है। 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नाम के इंस्टाग्राम पेज के करीब 56 लाख अनुसरणकर्ता (फॉलोअर) हैं। इस मंच ने आरक्षण में सुधारों को लेकर एक ऑनलाइन अभियान चलाने के बाद अपने 'फॉलोअर्स' से दिल्ली में एक आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। दो दिन पहले, इस मंच के आह्वान पर सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पर जमा हुए थे। पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर एकत्र होने के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जबकि उसी बैनर के तहत 500 समर्थकों के साथ रामलीला मैदान में शाम चार बजे तक प्रदर्शन की पुलिस अनुमति दी गई थी।"

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