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दिल्ली का प्रदूषण पर कंट्रोल... 10 साल में पहली बार 179 दिन साफ रही हवा, 2016 के मुकाबले 85 दिन का इजाफा

दिल्ली में इस साल अब तक 179 दिन हवा साफ रही, पिछले एक दशक में सबसे बेहतर स्थिति : सिरसा

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Delhi Air Pollution : राष्ट्रीय राजधानी में इस साल एक जनवरी से 15 सितंबर के बीच 179 दिन ऐसे रहे जब हवा साफ दर्ज की गईं, जो गत दशक में सबसे अधिक है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को यह दावा किया। उन्होंने इस सुधार का श्रेय धूल, कचरे और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार किए जा रहे उपायों को दिया। पर्यावरण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल इसी अवधि के दौरान 172 दिन हवा साफ रही थी, जबकि 2016 में यह संख्या महज 94 थी।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक वर्ष 2016 से 2026 के बीच साफ हवा वाले दिनों की संख्या में 85 की बढ़ोतरी हुई है, जो शहर की हवा की गुणवत्ता में 'लगातार सुधार' को दर्शाता है। दिल्ली में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 98 रहा, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। सिरसा ने कहा कि दिल्ली में इस साल अब तक 179 दिन हवा साफ रही है, जो पिछले दस सालों में सबसे अधिक है।

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उन्होंने कहा, ''दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार देखा जा रहा है। 2016 में साफ हवा वाले केवल 94 दिनों से बढ़कर इस साल 179 दिन होना एक बड़ी उपलब्धि है।'' सिरसा ने कहा कि सरकार शहर में साफ हवा सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी रखेगी। पर्यावरण विभाग के मुताबिक धूल के स्तर में कमी लाने के उपायों के तहत, पिछले 24 घंटों में 81 मशीनीकृत 'रोड स्वीपर' ने लगभग 2,279 किलोमीटर सड़कों की सफाई की और वैज्ञानिक तरीके से निपटान के लिए लगभग 170 टन सड़क की धूल जमा की।

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इसमें कहा गया है कि लगभग 2,113 टन निर्माण मलबा हटाया गया और करीब 12,715 टन कचरा साफ किया गया। विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मामले में 4,976 चालान जारी किए गए। इसमें कहा गया है कि शहर में कचरा प्रबंधन की कोशिशों के तहत भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल से पूर्व के जमा करीब 19,212 टन कचरे का निस्तारण किया गया। सरकार ने कहा कि हवा की गुणवत्ता में सुधार करना एक लंबी अवधि की प्राथमिकता बनी हुई है और नियमों का पालन, धूल कम करने के उपाय, वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन और लोगों की भागीदारी उसकी कोशिशों का मुख्य हिस्सा बने रहेंगे।

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