दुनिया के दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी मैसी भारत आए तो उनके साथ मैस भी आ गया, जो कायदे से नहीं आना चाहिए था। यूं उनके साथ दो और दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी भी भारत आए थे। लेकिन उन दोनों को किसी ने पूछा ही नहीं। न मैसी से मिलने वाले नेताओं ने और न ही उनके साथ सेल्फी लेने वालों ने। सब मैसी के ही आगे-पीछे घूमते रहे। क्योंकि वे गोट यानी महानतम थे। वैसे जलकुकड़े कहते हैं कि देखो महान तो पेले ही थे जी-द ब्लैक पर्ल या फिर मैराडोना थे। लेकिन निश्चित रूप से मैसी भी महान हैं। इसलिए मैसी के साथ मैस भी चला आया यानी रायता फैलता रहा।
सबसे पहले मैसी कोलकाता पहुंचे। वहां उनके साथ फोटो खिंचवाने वाले नेताओं और मंत्रियों से लोग इस कदर नाराज हुए कि हो-हल्ला हो गया, भगदड़ और अफरा-तफरी मच गयी। बताओ फुटबाल के कद्रदानों के बीच फुटबाल के महान खिलाड़ी की ऐसी बेकद्री हुई जैसी पहले कभी नहीं हुई थी। वरना इसी कोलकाता ने पेले पर भी प्यार लुटाया है और मैराडोना पर भी। लेकिन मैसी के आने पर ऐसा मैस क्रिएट हुआ कि आयोजक गिरफ्तार हो गए और खेल मंत्री तक को इस्तीफा देना पड़ गया।
फिर मैसी हैदराबाद पहुंचे। वहां उनसे राहुल गांधी भी मिले। राहुल गांधी के वहां पहुंचने का फायदा यह हुआ कि वहां वैसा मैस क्रिएट नहीं हुआ जैसा कोलकाता में हुआ। इसलिए नहीं कि मैसी कांग्रेसी थे। कांग्रेसियों में तो खूब घमासान मचता है। कांग्रेस में जितना मैस है, उतना मैस तो मैसी के आने से भी नहीं क्रिएट हुआ होगा। खैर, लोग इसकी वजह यह बता रहे हैं कि राहुल गांधी को स्पैनिश आती है, इसलिए वे उनसे बातें करते रहे। इस कारण मैसी भी सहज रहे। फिर वे मुंबई पहुंचे। वहां दो महान आपस में मिले। फुटबाल के महान मैसी की क्रिकेट के महान तेंदुलकर से मुलाकात हुई और तेंदुलकर ने उन्हें अपनी जर्सी भेंट की। लेकिन फिर वहां मुख्यमंत्रीजी ने गणपति बप्पा मोरिया के नारे लगवाने शुरू कर दिए और मैसी भकुवाए हुए से देखते रहे। बताते हैं कि वहां सेल्फी-वेल्फी का भी खूब तमाशा हुआ।
इसके बाद मैसी दिल्ली पहंुचे और उनके साथ आया मैस भी उसी तरह से अपने उत्कर्ष पर पहुंचा जैसे यहां आजकल एक्यूआई अपने उत्कर्ष पर पहुंचा हुआ है। अच्छी बात यही रही कि मैसी खांसे नहीं और न ही बच्चों के साथ फुटबाल खेलते हुए उनका दम फूला। दिल्ली की मुख्यमंत्री के स्टेडियम पंहुचते ही एक्यूबाई एक्यूआई के नारे लगने लगे। कुछ लोगों ने समझा कि नारा यह लग रहा है कि ऐ क्यू आई। माने मुख्यमंत्री महोदया आप क्यों आयी हैं। एक्यूआई जब मैसी को नहीं रोक पाया तो मुख्यमंत्री को ही कैसे रोक लेता!

