भविष्य के मिशनों के लिए खतरा अंतरिक्ष का कचरा
मलबे के लगभग 30,000 टुकड़े इस समय पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें हजारों छोटे टुकड़े ट्रैक नहीं किए गए। ये किसी उपग्रह या अंतरिक्ष स्टेशन के लिए खतरनाक हैं।
कल्पना कीजिए कि आप पृथ्वी का चक्कर लगा रहे एक स्पेस स्टेशन पर फंस गए हैं और घर वापसी के लिए कोई यान मौजूद नहीं है। चीन के तीन अंतरिक्ष यात्री इस समय इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से तीनों अंतरिक्ष यात्री तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर फंसे हुए हैं। उनके पास वापसी के लिए कोई ठीक-ठाक यान उपलब्ध नहीं है। उनके पास जो एकमात्र यान मौजूद था, वह नवंबर की शुरुआत में अंतरिक्ष मलबे से टकरा गया था, जिससे यान का व्यूइंग पोर्ट टूट गया था। चीन की मैन्ड स्पेस एजेंसी (सीएमएसए) ने एक बयान में कहा कि टक्कर का कारण अंतरिक्ष मलबे का एक छोटा-सा टुकड़ा था। पिछले दो सालों में यह दूसरा मौका है जब अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में फंसे हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने फंसे रहने के बाद इस साल मार्च में सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस आ गए थे। नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को सिर्फ आठ दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रुकना था लेकिन रिटर्न क्राफ्ट में तकनीकी समस्याओं के कारण उन्हें मजबूरन नौ महीने तक अंतरिक्ष में रखना पड़ा।
अंतरिक्ष मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों का इस तरह फंसना बहुत चिंता की बात है। अंतरिक्ष में सक्रिय देशों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए कई मिशन भेजने की योजनाएं बनाई हैं। इनमें मानव मिशन भी शामिल हैं। अंतरिक्ष में फंसने की नवीनतम घटना यह दर्शाती है कि अंतरिक्ष में मिशनों के सफल संचालन के लिए अंतरिक्ष कबाड़ की समस्या को हल करना कितना जरूरी है। जैसे-जैसे पृथ्वी की कक्षा मलबे से भर रही है, टकराव का खतरा तेजी से एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। वर्ष 2021 में मलबा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से टकराया था, जिससे रोबोटिक आर्म के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा था। हाल के सालों में अंतरिक्ष स्टेशन को कई बार उड़ते हुए अंतरिक्ष कचरे से बचना पड़ा है। पृथ्वी से छोड़े जाने वाले उपग्रहों की संख्या बढ़ने से अंतरिक्ष में मलबा भी तेजी से जमा हो रहा है। मलबे के लगभग 30,000 टुकड़े इस समय पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें हजारों छोटे टुकड़े शामिल नहीं हैं जिन्हें ट्रैक नहीं किया जा सकता। ये निश्चित रूप से किसी उपग्रह या अंतरिक्ष स्टेशन को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त रूप से खतरनाक हैं। यह सारा कचरा एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। अगर हम अंतरिक्ष को साफ नहीं रखेंगे, तो भविष्य के मिशनों के रास्ते में रुकावट आ सकती है या वे बंद हो सकते हैं। इनमें मौसम उपग्रह, जीपीए सिस्टम, इंटरनेट सेवाएं और अंतरिक्ष यात्राएं शामिल हैं। अंतरिक्ष में बढ़ती अराजकता पर नियंत्रण पाने के लिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने ‘अंतरिक्ष पर्यावरण स्वास्थ्य सूचकांक’ प्रस्तुत किया है जो यह दर्शाता है कि अगले 200 वर्षों में पृथ्वी की कक्षा कितनी स्वस्थ या तनावग्रस्त रहेगी।
यह सवाल पूछा जा सकता है कि एजेंसी ने 200 वर्ष का समय क्यों चुना? अंतरिक्ष का कचरा अपने आप गायब नहीं होता। यह अंतरिक्ष में बना रहता है और तेज गति से पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इससे और दशकों या सदियों तक टक्कर का जोखिम बढ़ जाता है। यह नया सूचकांक वर्तमान अंतरिक्ष गतिविधियों के दीर्घकालिक प्रभाव को एक अंक में दर्शाने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद हमारी अंतरिक्ष गतिविधियों के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक साझा भाषा को बढ़ावा देना है।
यह सूचकांक केवल यह नहीं गिनता कि कितने उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। यह उन प्रमुख कारकों पर भी गौर करता है जो यह प्रभावित करते हैं कि किसी मिशन से कक्षीय पर्यावरण में कितना जोखिम पैदा होगा। इन कारकों में वस्तु का आकार और आकृति, कक्षा में रहने का समय और दुर्घटनाओं से बचने की क्षमता शामिल है। इसके अलावा सूचकांक इस बात पर भी विचार करता है कि किसी वस्तु का काम पूरा होने के बाद उसे विस्फोट से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और उसके और अधिक मलबे में विखंडित होने की कितनी संभावना है। इन सभी कारकों को एक स्कोर में बदल दिया जाता है जो यह दर्शाता है कि कोई मिशन भविष्य में टकराव या कबाड़ के जोखिम को कितना बढ़ाता है। इस मामले में कम स्कोर का अर्थ है कि मिशन ज्यादा परेशानी नहीं पैदा करेगा, जबकि उच्च स्कोर का मतलब इसके विपरीत है। इसे एक फ्रिज के लिए ऊर्जा-दक्षता लेबल की तरह समझा जा सकता है। भविष्य में उपग्रह मिशनों को अंतरिक्ष में उनकी स्वच्छता के आधार पर ए से एफ तक रेटिंग दी जा सकती है।
अंतरिक्ष की सेहत पहले से ही खतरे में है। वैज्ञानिकों ने शुरुआत में 2014 के अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का उपयोग करके एक ‘स्वस्थ’ कक्षीय वातावरण के लिए आधार रेखा निर्धारित की थी। उस समय भी भविष्य न्यूनतम स्तर से तीन गुना अधिक जोखिम भरा लग रहा था। आज स्थिति और भी बदतर है। अब हम अंतरिक्ष स्वास्थ्य सूचकांक स्तर 4 पर सुरक्षित सीमा से चार गुना ऊपर हैं। इसका मतलब है कि पृथ्वी की निकटवर्ती कक्षा में काफी भीड़भाड़ है और वह अस्थिरता की ओर बढ़ रही है। नया सूचकांक मिशन लांच होने से पहले फैसलों को दिशा दे सकता है। उदाहरण के लिए, सूचकांक का इस्तेमाल डिजाइन फेज के दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा सकता है कि उपग्रह का ऑर्बिट छोटा हो, उसका डिस्पोजल सिस्टम काम करे, और उसके टूटने का रिस्क कम हो। इससे उसका स्कोर कम करने में मदद मिलती है और बेहतर तरीकों को बढ़ावा मिलता है। रेगुलेटर लाइसेंसिंग के लिए इस सूचकांक का उपयोग कर सकते हैं। बीमा कंपनियां इसे जोखिम आकलन में शामिल कर सकती हैं। मिशन डिजाइनर कम स्कोर का लक्ष्य उसी तरह रख सकते हैं जैसे कार निर्माता बेहतर ईंधन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखते हैं।
कुछ लोग कह सकते हैं कि सबसे बुरी स्थिति 200 साल दूर है। जल्दबाजी क्यों? खतरा तेजी से बढ़ता है। हर नया उपग्रह इस ढेर में जुड़ता जाता है। हर विखंडन घटना और अधिक कबाड़ जोड़ती है। और इसे साफ करना आसान या सस्ता नहीं है। हम जितना अधिक इंतजार करेंगे, इसे ठीक करना उतना ही कठिन और महंगा होता जाएगा। अंतरिक्ष के पूरी तरह से अनुपयोगी होने से बहुत पहले, उसमें संचालन की लागत बढ़ जाएगी। कुछ कक्षाएं निषिद्ध क्षेत्र बन सकती हैं। अंतरिक्ष मिशनों को बंदूक की गोलियों से भी तेज गति से यात्रा करने वाले मलबे से और भी अधिक जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि यूरोपीय एजेंसी का 2030 तक अपने मिशनों से सभी प्रकार के मलबे के उत्पादन को रोकने का लक्ष्य महज एक अच्छा विचार नहीं है, यह एक आवश्यकता है। अंतरिक्ष पर्यावरण स्वास्थ्य सूचकांक अंतरिक्ष एजेंसियों, सरकारों और कंपनियों को काम करने के लिए एक साधन प्रदान करता है। यह दर्शाता है कि कक्षीय स्वास्थ्य के भविष्य के लिए बेहतर निर्णय कैसे लिए जा सकते हैं।
लेखक विज्ञान संबंधी मामलों के जानकार हैं।
