लोग मोबाइल पर डिजिटल रंगों की होली खेलने लगे हैं। ये एआई का युग है सो एआई से होली खेली जाएगी।
मुझे रंगों से प्यार है, लेकिन होली से डर लगता है साहब। ये मामला ठीक वैसा ही है जैसे मुझे उनसे प्यार है पर तकरार से डर लगता है। होली की हुड़दंग देखकर भरोसा बुरी तरह डिगा हुआ है। मुई होली ने ही न जाने कितने रंग बदल डाले हैं। निखालिस फूलों के रंगों से शुरू हुआ खेलने का सिलसिला गोबर-कीचड़ की होली पर रुका। कालांतर में रासायनिक रंगों से होली खेलते हुए ऑर्गेनिक रंगों पर आ ठहरा है। हालांकि, ये दौर भी ज्यादा देर चलने वाला नहीं है? लोग मोबाइल पर डिजिटल रंगों की होली खेलने लगे हैं। ये एआई का युग है सो एआई से होली खेली जाएगी।
जनकलाल का निखट्टू नाती तो बच्चन साहब के साथ होली खेल रहा है। मैंने जनकलाल का व्हाट्सएप स्टेटस देखा तो चौंक गया! निखट्टू नाती बच्चन साहब के गले में हाथ डालकर बैठा मुस्कुरा रहा है! दोनों के चेहरे होली के रंगों से ऐसे पुते हुए हैं मानो खूब जमकर होली खेलकर निपटे हों। हाय रे निखट्टू की किस्मत! मेरे सीने पर सांप लोट गया। अब व्हाट्सएप स्टेटस दिखाने का नहीं, जलाने का काम बखूबी कर रहा है। इधर अपनी पूरी जिंदगी निकल गई। पर मजाल है कि बच्चन साब को सिवा सिनेमाई पर्दे के कहीं और देखा हो। दो-चार दफा मुंबई गया था। पूरा दिन उनके बंगले के सामने खड़ा रहा। लानत है कि मुझे उनके दर्शन मिल पाए हों। उलटे दरबान ने मुझे हड़का दिया, ‘काय को समय खोटी करता है इधर। साहब शूटिंग पर हैं। दर्शन नहीं देंगे। भागो यहां से।’
जब जनकलाल को इस बात की बधाई दी। तब उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप स्टेटस वाली तस्वीर उनके नाती ने एआई से घालमेल करके बनाई है। फिर आगे बोले, ‘पट्ठा इतना तेज है कि धरम पाजी के साथ होली खेलते हुए मेरी रील बना डाली। उसने आसमान से चट्टानी ओले बरसने की रील बनाई है।’ फिर एक आंख छोटी करके बोले, ‘और ये देखो, आसमान से अर्ध-वसना स्त्रियां गिरने की रील भी बनाई है।’ ‘वाह रे, एआई के लाल।’ मेरे मुख से अनायास निकल गया।
अभी हम उनके मोबाइल में झांक रहे थे कि ‘टुडुप’ से एक रील टपकी। उसे देखते ही जनकलाल की त्योरियां चढ़ गईं। किसी मित्र ने होली की हुड़दंग में जो रील बनाकर भेजी उसमें वे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए और हाथ छुपाते घूम रहे हैं। ऊपर से नोटों की वर्षा हो रही है। जनकलाल जानते हैं, ये असलियत नहीं है। सब एआई की करामात है। पर न चाहते हुए भी उन्हें भारी क्रोध आ गया जो एकदम असली था।

