पाकिस्तान की कमाई के स्रोत अब यही हैं- डाकू, आतंकी। पर वे अपने ही डकैतों पर कायदे की फिल्म नहीं बना पाते।
पाकिस्तान के एक्सपर्ट कह रहे हैं कि उनके डकैतों से भारत की फिल्म इंडस्ट्री को रोजगार मिल रहा है। पाकिस्तान के कराची में एक बड़े अपराधी थे कभी रहमान डकैत, वह हाल में आयी फिल्म धुरंधर के एक कैरेक्टर हैं। फिल्म खूब कमाई कर रही है।
वैसे टीवी चैनलों के दौर में आजकल एक नई प्रजाति उभर कर आई है–धुरंधर एक्सपर्ट! आजकल ये धुरंधर हर चैनल पर बैठे होते हैं, हर विषय के बोझ को अपने कंधों पर उठाए, बिना थके, बिना रुके। क्रिकेट हो, राजनीति हो, अंतरराष्ट्रीय संबंध हो या गली का कुत्ता काटने की खबर–सबमें ये धुरंधर पंडित सबसे आगे। एक धुरंधर को देखा एक टीवी चैनल पर। विषय था–आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी। ग्रीन बने सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी, 25.2 करोड़ में बिके। अरे भाई, 25 करोड़! इतने में तो पूरा गांव खरीद लो, या कम से कम एक छोटा सा द्वीप। धुरंधर जी चैनल पर चिल्लाए, ‘देखिए सर, ये नीलामी नहीं, ये तो आधुनिक गुलाम बाजार है! खिलाड़ी बोली लग रहे हैं जैसे पुराने जमाने में नीलामी होती थी। लेकिन फर्क ये कि अब गुलाम नहीं, सुल्तान बन रहे हैं।
बाजार के खेल निराले हैं, इंडियन टीम का हिस्सा रहे पृथ्वी शा 75 लाख में बिके और इंडियन टीम से बहुत दूर कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर करोड़ों ले गये। खिलाड़ी वही जो करोड़ों ले जाये। अरब देश पाक के धुरंधर भिखारियों से परेशान हैं। हजारों पाकिस्तानी भिखारी सऊदी अरब ने वापस पाकिस्तान भिजवाये हैं। पाकिस्तान से तरह तरह के भिखारी अरब देशों में जाते हैं। कुछ भिखारी सऊदी अरब जाकर, खुद को प्राइम मिनिस्टर बताते हैं। कुछ खुद को सऊदी अरब में जाकर आर्मी जनरल बताते हैं। बड़े भिखारी बड़ी भीख मांगते हैं और सूट बूट लगाकर जाते हैं। पर काम एक ही है- लाओ लाओ।
पाकिस्तान के डकैत पूरी दुनिया में फेमस हो रहे हैं। डर यह है कि कहीं पाकिस्तान यह दावा न ठोंक दे कि उनके कैरेक्टर पर फिल्म बना रहे हैं भारतीय डाइरेक्टर, तो पाकिस्तान को रायल्टी मिलनी चाहिए। पाकिस्तान की कमाई के स्रोत अब यही हैं- डाकू, आतंकी। पर वे अपने ही डकैतों पर कायदे की फिल्म नहीं बना पाते। डकैत पाकिस्तान के और कामयाब फिल्म इंडिया वाले बनाते हैं। अपने डकैतों पर कामयाब फिल्म बनाने के लिए हुनर चाहिए। हुनर पाकिस्तान ने सिर्फ दो क्षेत्रों में विकसित किया है- एक तो भीख और दूसरा आतंक।
दरअसल पाक को कुछ करने की जरूरत नहीं है। ट्रंप जैसे दाता मौजूद हैं, आईएमएफ से कर्ज दिलवा देते हैं। चीन जैसे दाता मौजूद हैं, इतना भर इंतजाम कर देते हैं पाकिस्तान का कि डूबने की नौबत ना आये। डकैतों पर रायल्टी मिल जाये, यह परम उपलब्धि होगी पाकिस्तान की।

