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उत्तर कोरिया में नये वारिस की तैयारी

किम जू ए 2022 में एक मिसाइल लॉन्च वाले कार्यक्रम में अपने पिता के साथ पहली बार पब्लिक में दिखीं। उनके पब्लिक में आने के बाद से, कुछ एनालिस्ट ने अंदाज़ा लगाया कि उन्हें उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने के...

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किम जू ए 2022 में एक मिसाइल लॉन्च वाले कार्यक्रम में अपने पिता के साथ पहली बार पब्लिक में दिखीं। उनके पब्लिक में आने के बाद से, कुछ एनालिस्ट ने अंदाज़ा लगाया कि उन्हें उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने के लिए वारिस के तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है।

जू ए को उत्तर कोरिया की नई पीढ़ी बहुत बेहतर से जानने लगी है। सर्वोच्च नेता किम जोंग उन, अपनी इस लाड़ली बेटी को भावी शासक के रूप में तैयार करने में लगे हुए हैं। लेकिन क्या जू ए की उम्र 17 पार कर चुकी है? यह सवाल इसलिए, क्योंकि किम जोंग उन ने अपनी इस बेटी की वास्तविक उम्र का खुलासा नहीं किया है। 2022 में कोरियन मीडिया ने इंटेलिजेंस एजेंसियों के हवाले से 12 या 13 साल का बताया, तब भी नॉर्थ कोरिया के तानाशाह व सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया था। फ्योंगयांग में एक राजप्रासाद है, ‘कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन’, इस महल को ‘जुचे का सर्वोच्च मंदिर’ भी कहा जाता है, जहां चिर निद्रा में विराजे नेताओं, किम इल सुंग और किम जोंग इल के शव संरक्षित हैं। इस समाधि स्थल में प्रवेश की आयु 17 साल सुनिश्चित की गई है। इससे कम का युवा, यहां प्रवेश नहीं कर सकता।

यह महल किम इल सुंग के आधिकारिक निवास के रूप में जाना जाता था। वर्ष 1994 में किम इल सुंग की मृत्यु के बाद, इमारत का जीर्णोद्धार किया गया और इसे उनके समाधि स्थल में बदल दिया गया। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने 1 जनवरी, 2026 को नव वर्ष समारोह की एक तस्वीर जारी की, जिसमें किम जू ए अपने माता-पिता के साथ सबसे आगे की लाइन में खड़ी थीं। उन्होंने ‘कुमसुसन पैलेस ऑफ़ द सन’ में अपने दिवंगत दादा और परदादा के शवों के आगे सिर नवाया।

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किम जू ए 2022 में एक मिसाइल लॉन्च वाले कार्यक्रम में अपने पिता के साथ पहली बार पब्लिक में दिखीं। उनके पब्लिक में आने के बाद से, कुछ एनालिस्ट ने अंदाज़ा लगाया कि उन्हें उत्तर कोरिया का नेतृत्व करने के लिए वारिस के तौर पर ट्रेनिंग दी जा रही है, जबकि दूसरे विश्लेषक अलग-अलग संभावित वारिसों की ओर इशारा करते हैं। 2025 में भी किम जू ए, पेइचिंग में आयोजित चीनी विजय दिवस परेड में दिखीं। तानाशाह किम जोंग उन अपने पारंपरिक सहयोगी शी और पुतिन के बीच संतुलन बनाये रखते हुए अपनी स्थिति मज़बूत करने की कवायद में रहते हैं। लेकिन इन दोनों सहयोगियों के आगे भी अपनी बेटी की उम्र का खुलासा नहीं किया है। अगले दिन वह पब्लिक में नहीं दिखीं, क्योंकि उनके पिता ने थ्येनआनमन स्क्वायर पर आयोजित मिलिट्री परेड में चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के साथ सेंटर स्टेज शेयर किया था।

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लेकिन उससे पहले, 2022 स्टेट मीडिया ने मिसाइल इवेंट में किम और उनकी बेटी की कई तस्वीरें जारी कीं, वह सफेद कोट और लाल जूते में अपने पिता के साथ हाथ में हाथ डालकर चल रही थीं।

यह मिसाइल टेस्ट उन बड़े मिलिट्री इवेंट्स की सीरीज़ में पहला था, जिसमें किम जोंग उन ने अपनी बेटी को दिखाया। उनकी सावधानी से तैयार की गई अपीयरेंस में मिसाइल टेस्ट, एक नेवल डिस्ट्रॉयर का लॉन्च शामिल था। बहरहाल, पेइचिंग की उनकी यात्रा से उनके मेज़बान ने यह अंदाज़ा लगा लिया था कि जू ए भविष्य की वारिस हैं। ‘पिता की वारिस’ वाली थ्योरी को चीन की उनकी पहली ज्ञात विदेश यात्रा से और बल मिला है।

हालांकि, दक्षिण कोरियाई ख़ुफ़िया एजेंसी ‘एनआईएस’ ने कहा, कि नॉर्थ कोरिया की सत्ता में उत्तराधिकार की प्रक्रिया को लेकर अभी भी कई संभावनाएं हैं, क्योंकि 41 साल के किम जोंग उन अभी भी जवान हैं, उन्हें कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं है, और उनके दूसरे बच्चे भी हैं। इसके बर’अक्स, कुछ साउथ कोरियाई अधिकारियों और विशेषज्ञों ने शुरू में जू ए को भविष्य का वारिस मानने पर शक जताया था, उन्होंने उत्तर कोरिया के पुरुषों द्वारा सत्ता संरचना और कन्फ्यूशियस के प्रभाव का हवाला दिया था।

1948 में अपनी स्थापना के बाद से, नॉर्थ कोरिया पर लगातार किम परिवार के पुरुष सदस्यों का शासन रहा है। किम जोंग इल ने 1994 में अपने पिता और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग की मौत के बाद सत्ता संभाली थी। किम जोंग उन को 2011 के आखिर में अपने पिता किम जोंग इल की मौत के बाद सत्ता विरासत में मिली थी।

एनआईएस का मानना है कि पब्लिक इवेंट्स में उन्होंने जो रोल निभाया है, उससे पता चलता है कि वह ‘पॉलिसी इनपुट’ लेने लगी है। और उन्हें असल में दूसरी सबसे बड़ी लीडर माना जा रहा है। नॉर्थ कोरिया ने घोषणा की है कि फरवरी, 2026 के आखिर में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस आहूत की जाएगी, जिसमें आर्थिक, विदेशनीति और सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। शायद, इसमें किम जू ए की भूमिका पर भी कोई संकेत मिले।

‘जू ए’ नाम का ज़िक्र सबसे पहले अमेरिकन बास्केटबॉल प्लेयर डेनिस रॉडमैन ने 2013 में नॉर्थ कोरिया के अपने दौरे के बाद किया था। फरवरी, 2026 के पहले हफ्ते दक्षिण कोरियाई ख़ुफ़िया एजेंसी एनआईएस ने कहा कि किम जू ए ने वारिस ट्रेनिंग पूरी कर ली है, मिलिट्री इवेंट्स में उनकी मौजूदगी, पॉलिसी से जुड़े फैसलों में उनकी बढ़ती भागीदारी और कुमसुसन पैलेस ऑफ़ द सन के दौरे के विज़ुअल्स उन कयासों को पुख्ता कर रहे हैं, कि किम की यही राइट च्वाइस बेबी बनेगी।

किम जोंग-उन की बहन, यो-जोंग, सत्ता संभालने की दावेदार बनकर धूमकेतु की तरह उभरीं, फिर विलुप्त हो गई। यह किम परिवार में सत्ता संघर्ष की ओर इशारा करता था। कोरियाई मामलों के विशेषज्ञों के अलग-अलग ख्याल थे, पहला, अगर किम यो-जोंग सत्ता में आती हैं, तो उनकी भाभी, री सोल-जू, बहुत घबरा जाएंगी। दूसरा, ‘भले ही री सोल-जू अपनी भाभी जितनी पावरफुल न हों, लेकिन नॉर्थ कोरिया की फर्स्ट लेडी होने के नाते उनका दबदबा तो दिखता है।’ एक तीसरी थ्योरी यह भी है, कि किम जोंग-उन और री सोल-जू का एक बेटा हो सकता है, लेकिन उनका बेटा राज-काज संभालने के लिए बहुत छोटा है।

सियोल में आसन इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्टडीज़ के सीनियर फेलो गो म्योंग-ह्यून भी यही तर्क देते हैं कि किम जू ए का पब्लिक में दिखना एक राजकुमारी जैसा है। किम परिवार के शासन को ‘यूरोपियन स्टाइल की राजशाही की झलक’ दिखाने की कवायद है। 2020 से 2022 तक ख़ुफ़िया एजेंसी ‘एनआईएस’ के डायरेक्टर रह चुके पार्क जी-वोन ने तर्क दिया, कि नॉर्थ कोरिया की सरकार ऐतिहासिक रूप से पुरुष-प्रधान रही है, जिससे किम जू ए का सत्ता में आना मुश्किल है। यदि यह संभव होता भी है, फिर भी कोई नहीं जानता, कि यो-जोंग अपनी भतीजी को उत्तर कोरिया की सर्वोच्च कुर्सी पर विराजे हुए देखना कितना बर्दाश्त कर पाएंगी।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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