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आईटी पेशेवर में गीता-ज्ञान जानने की ललक

जीवन प्रबंधन का मंत्र

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आज की पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं, करियर के दबाव और संबंधों की जटिलताओं से जूझ रही है। गीता की शिक्षाएं इन समस्याओं का समाधान प्रदान करती हैं।

भारत में पिछले कुछ वर्षों में शिक्षित युवाओं, विशेष रूप से आईटी पेशेवरों में गीता की शिक्षाओं के प्रति रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आईटी सेक्टर, जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ है, में काम करने वाले युवा लंबे कार्य घंटों, डेडलाइंस और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी से त्रस्त हैं। ऐसे में गीता की शिक्षाएं उन्हें तनावमुक्त करने में मदद करती हैं।

दरअसल, विषम स्थितियों के चलते गीता की शिक्षाओं को जानने को लेकर दिचस्पी बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि गीता परिचय अभियान की पहुंच बढ़ रही है। वर्तमान में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से गीता ज्ञान से जुड़ी कक्षाएं चल रही हैं।

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दरअसल, गीता परिचय अभियान भारत में युवाओं को प्राचीन ज्ञान से जोड़ने का एक प्रयास है। जो यह दिखाता है कि गीता की शिक्षाएं आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने में कितनी प्रासंगिक हैं। शिक्षित नौजवान और आईटी पेशेवर अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाकर एक संतुलित जीवन जीना चाहते हैं। बहुत संभव है आने वाले वर्षों में गीता एक जीवनशैली बन सकती है। अभियान ने राजधानी दिल्ली में ‘भगवद्गीता राष्ट्रीय सम्मेलन’ की घोषणा की है, जो 21 दिसंबर को सिरिफोर्ट ऑडिटोरियम में होगा। देशभर से हजारों लोग भाग लेंगे।

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भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर भगवद्गीता, जो महाभारत के युद्धक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए दिव्य उपदेशों का संकलन है, आज भी जीवन की हर चुनौती का समाधान प्रदान करती है। लेकिन आधुनिक युग में, जहां युवा पीढ़ी व्यस्तता, तनाव और भौतिक सुखों की दौड़ में फंसी हुई है, इस प्राचीन ग्रंथ की प्रासंगिकता को नए सिरे से समझाने की आवश्यकता महसूस की गई। तभी ‘गीता परिचय अभियान’ की शुरुआत हुई। यह अभियान न केवल गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है, बल्कि विशेष रूप से शिक्षित युवाओं, जिनमें आईटी पेशेवर भी शामिल हैं, को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है। इस अभियान के तहत ऑनलाइन क्लासेस, सेमिनार और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो युवाओं को गीता की शिक्षाओं से जोड़ते हैं।

दरअसल, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भगवद्गीता के कालातीत ज्ञान को सरल और आधुनिक तरीके से लोगों तक पहुंचाना है। इस अभियान की शुरुआत उन लोगों द्वारा की गई जो मानते हैं कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का एक व्यावहारिक मार्गदर्शक है। अभियान से जुड़े लोग इसे ‘जीवन में ज्ञान, शांति और सकारात्मक बदलाव’ की कुंजी मानते हैं। यह अभियान विशेष रूप से युवाओं को लक्षित करता है, क्योंकि आज की पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं, करियर के दबाव और संबंधों की जटिलताओं से जूझ रही है। गीता की शिक्षाएं जैसे कर्मयोग, ज्ञानयोग-भक्तियोग इन समस्याओं का समाधान प्रदान करती हैं।

अभियान की प्रमुख विशेषता यह है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भरपूर उपयोग करता है। ‘गीता परिचय’ नामक एक आधिकारिक ऐप उपलब्ध है, जो प्ले स्टोर या पस्टोर पर डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन गीता क्लासेस में रजिस्टर कर सकते हैं। साप्ताहिक कक्षाएं जूम या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर आयोजित होती हैं, जहां विशेषज्ञ आचार्य गीता के श्लोकों की व्याख्या करते हैं। इसके अलावा, अभियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय है। उदाहरण के लिए, इंस्टाग्राम पर गीता परिचय अकाउंट पर नियमित रूप से गीता के उद्धरण, सेमिनार की जानकारी और युवाओं की सफलता की कहानियां साझा की जाती हैं। अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में भी कार्यक्रम चलाए जाते हैं। जयपुर के स्कूलों में हाल ही में गीता परिचय सत्र आयोजित किए गए, जहां बच्चों को गीता की वाणी से परिचित कराया गया। यह अभियान न केवल अध्ययन, बल्कि गीता की शिक्षाओं को दैनिक जीवन में लागू करने पर भी पर जोर देता है।

इस अभियान की सफलता का एक प्रमुख स्तंभ इसकी ऑनलाइन क्लासेस हैं। ये क्लासेस वीकडे और वीकेंड पर आयोजित होती हैं, जो व्यस्त युवाओं के लिए सुविधाजनक हैं। क्लासेस में गीता के श्लोकों की सरल व्याख्या की जाती है और प्रतिभागियों को चर्चा का अवसर मिलता है। आईटी पेशेवरों जैसे लोगों के लिए, जो लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं, ये क्लासेस एक ब्रेक की तरह काम करती हैं, जहां वे मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं। अभियान के ऐप में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल है, और क्लासेस न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध हैं।

दरअसल, ये इंटरैक्टिव सेशन हैं। गीता आचार्य बताते हैं कि गीता को कैसे पढ़ें। कई युवा इन क्लासेस से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव महसूस करते हैं।

भारत में गीता के प्रति बढ़ती रुचि इस बात का संकेत है कि लोग भौतिक प्रगति के साथ-साथ आंतरिक शांति और अर्थपूर्ण जीवन की तलाश में हैं।

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