तूफानों की स्पांसरशिप का उम्मीदभरा बाजार

उलटवांसी

तूफानों की स्पांसरशिप का उम्मीदभरा बाजार

आलोक पुराणिक

आलोक पुराणिक

जवाद तूफान का नाम है, जवाद का अरबी भाषा में मतलब होता है, दयालु उदार।

तूफान भी उदार हो सकते हैं, नेता भी कम ठग हो सकते हैं, हत्यारे भी कम क्रूर हो सकते हैं। नाम में क्या रखा है-यूं शेक्सपीयर कह गये हैं, तूफान तूफान होता है। उसे उदार कह देने भर से वह उदार न हो जाता। हाल में चेन स्नैचिंग में धरे गये एक युवक नाम था-परहित प्रसाद-दूसरों के हित में कार्यरत।

तूफानों के नामों से भी कमाई का जुगाड़ हो सकता है, एमबीए में अध्ययनरत एक बालक ने अपने प्रोजेक्ट का शीर्षक यूं रखा-तूफानों की स्पांसरशिप। उस प्रोजेक्ट के मुख्य अंश :-

हर जगह से कमाना चाहिए, तूफानों से भी कमाने की युक्ति संभव है। तूफान का नाम जवाद रखा गया, पहले आये एक तूफान का नाम हुदहुद रखा गया, अमेरिका के एक तूफान का नाम कैटरीना रखा गया। नाम में बहुत कुछ रखा है, नाम के लिए बंदा कई ऐसे काम करने को तैयार हो जाता है, जो उसे बदनाम तक कर सकते हैं, पर बदनाम होंगे, तो भी नाम होगा, तो ऐसे बदनामी-प्रूफ लोगों के लिए एक स्कीम लांच की जा सकती है कि जो भी अधिकतम भुगतान करेगा, तूफान का नाम उस पर रख दिया जायेगा। गौर से देखिये, बड़े-बड़े चोर ठग पर बहुत अमीर टाइप के कारोबारियों के निधन के बाद उनकी जो श्रद्धांजलि छपती है, उसमें उन्हें परोपकारी, महामानव टाइप घोषित किया जाता है। जिसकी जेब में रकम में नहीं है, वह ईमानदार बंदा बतौर मानव भी मुश्किल से जी पाता है। तो हमें तूफानों के नाम की स्पांसरशिप बेच देनी चाहिए। जैसे ही पता चले कोई और तूफान आने वाला है, वैसे ही फौरन नामों की नीलामी कर देनी चाहिए। टंटोमल या घंटोमल जो भी रकम दे, चकाचक, तूफान का नामकरण उसके नाम पर ही कर देना चाहिए।

कटारमल या जटारमल जो ज्यादा रकम दे, तूफान उसके नाम कर दो। इससे बहुत रकम जुटायी जा सकेगी, और उस रकम के एक अंश का इस्तेमाल तूफान से प्रभावित लोगों को राहत देने में भी किया जा सकता है। तूफानी तेजी वाला कोल्ड ड्रिंक भी किसी तूफान को स्पांसर कर सकता है। बाद में दावे प्रतिदावे भी हो सकते हैं कि हमारे वाला तूफान ज्यादा मारदार और धारदार था, तो कुल मिलाकर अधिकतम रकम तूफानों के स्पांसरों से खींची जा सकती है। कोई चाय कंपनी भी तूफान को स्पांसर करने में रुचि दिखा सकती है, तूफानी ताजगी मिलती है उस चाय से, इसी चाय ने फलां तूफान स्पांसर किया था।

संभव है कि कमाई बढ़ाने के लिए कुछ फर्जी टाइप के तूफान खड़े कर दिये जायें। कुछ टीवी एंकरों की मदद से नकली तूफान खड़े किये जा सकते हैं, टीवी एंकरों को नकली तूफान खड़े करने में परम महारथ हासिल है। फिर तूफानों को बेचना आसान हो जायेगा।

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