Young HSICON 2026 : हर्निया सर्जरी की नई इबारत, चंडीगढ़ में जुटे देश के 400 दिग्गज सर्जन; रोबोटिक तकनीक पर होगा महामंथन
वैज्ञानिक सत्रों में रोबोटिक हर्निया सर्जरी में हो रहे नवीनतम शोधों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी
Young HSICON 2026 : चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हर्निया के इलाज की बदलती तस्वीर और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को साझा करने के लिए चंडीगढ़ आज से एक बड़े समागम का केंद्र बन गया है। शहर में 'यंग हर्निया सोसाइटी ऑफ इंडिया' (YHSI) के तत्वावधान में दो दिवसीय चौथे द्विवार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन 'यंग एचएसआईसीओएन 2026' का औपचारिक आगाज हो गया है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के पंजाब चैप्टर के सहयोग से किया जा रहा है।
शुक्रवार को इस आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. अनुपम गोयल ने बताया कि चंडीगढ़ के लिए इस स्तर के शैक्षणिक मंच की मेजबानी करना गौरवपूर्ण है। यह सम्मेलन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के बेहतरीन सर्जिकल माइंड्स को एक साथ लाकर हर्निया सर्जरी के भविष्य को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है।
देशभर से जुटे 400 से अधिक विशेषज्ञ
इस राष्ट्रीय सम्मेलन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें चिकित्सा जगत के 400 से अधिक दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 100 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ, 250 क्षेत्रीय प्रतिनिधि और करीब 75 उद्योग जगत के पेशेवर शामिल हैं। विशेषज्ञों का जमावड़ा न केवल नई तकनीकों पर चर्चा करेगा, बल्कि युवा सर्जनों के कौशल को निखारने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों की राय : रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीकों के आने से अब हर्निया का ऑपरेशन न केवल सुरक्षित हो गया है, बल्कि मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी जल्दी मिल जाती है।
रोबोटिक और डिजिटल सर्जरी पर रहेगा विशेष फोकस
सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले वैज्ञानिक सत्रों में रोबोटिक हर्निया सर्जरी में हो रहे नवीनतम शोधों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में 'मास्टर वीडियो सर्जिकल सत्र' मुख्य आकर्षण होंगे, जहां वरिष्ठ सर्जन अपनी जटिल सर्जरी के वीडियो के माध्यम से नई बारीकियों को समझाएंगे। इसके अलावा पैनल चर्चा और शोध पत्र प्रस्तुतियों के जरिए सर्जरी के दौरान आने वाली जटिलताओं और उनके आधुनिक समाधानों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
