World Cancer Day 2026 : कैंसर से जंग में नर्सें बनीं गेम चेंजर, PGI Chandigarh में ऑन्कोलॉजी नर्सिंग पर फोकस
World Cancer Day 2026 : कैंसर के इलाज में तकनीक और दवाएं जितनी अहम हैं, उतनी ही निर्णायक भूमिका नर्सिंग स्टाफ की भी होती है। इसी सोच को मजबूती देने के उद्देश्य से पीजीआई चंडीगढ़ में विश्व कैंसर दिवस 2026...
World Cancer Day 2026 : कैंसर के इलाज में तकनीक और दवाएं जितनी अहम हैं, उतनी ही निर्णायक भूमिका नर्सिंग स्टाफ की भी होती है। इसी सोच को मजबूती देने के उद्देश्य से पीजीआई चंडीगढ़ में विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर ऑन्कोलॉजी नर्सिंग को केंद्र में रखते हुए विशेष शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन सेल और क्लिनिकल हीमेटोलॉजी एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की संयुक्त पहल से आयोजित ‘सिम्पोजियम ऑन ऑन्कोलॉजी नर्सिंग एक्सीलेंस: यूनाइटेड बाय यूनिक’ में 100 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मकसद स्पष्ट था, कैंसर देखभाल में नर्सों को केवल सहायक नहीं, बल्कि प्रभावी बदलाव लाने वाले गेम चेंजर के रूप में सशक्त करना। सत्रों में कैंसर रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, आधुनिक उपचार पद्धतियों, उपचार से जुड़े दुष्प्रभावों के प्रबंधन और समग्र रोगी देखभाल जैसे अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही कैंसर से जुड़े सामाजिक कलंक को तोड़ने और मरीजों व उनके परिजनों के साथ संवेदनशील संवाद पर भी जोर दिया गया।
नर्सें हैं कैंसर केयर की रीढ़
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अस्पताल प्रशासन विभाग के मेडिकल सुपरींटेंडेंट और प्रमुख विपिन कौशल ने कहा कि नर्सें कैंसर देखभाल की रीढ़ हैं। निरंतर शिक्षा से नर्सिंग स्टाफ को न केवल तकनीकी दक्षता मिलती है, बल्कि मरीजों के दर्द, भय और उम्मीदों को समझने की संवेदनशीलता भी विकसित होती है, जो इलाज की प्रक्रिया में बेहद अहम है।
क्लिनिकल हीमेटोलॉजी एवं मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख पंकज मल्होत्रा ने कहा कि कैंसर उपचार में तेजी से हो रहे बदलावों के साथ नर्सिंग प्रथाओं का उन्नत होना जरूरी है। प्रशिक्षित ऑन्कोलॉजी नर्सें उपचार के पालन, मरीज की सुरक्षा और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रोकथाम से संवाद तक फोकस्ड सत्र
शैक्षिक सत्रों में सीनियर रेजिडेंट लक्ष्य त्यागी ने कैंसर रोकथाम और स्क्रीनिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। मेडिकल सोशल वेलफेयर अधिकारी शुभम ने कैंसर मरीजों के लिए उपलब्ध कल्याण योजनाओं और सहायता प्रणालियों की जानकारी साझा की। नर्स एजुकेटर रेखा रानी नार ने ऑन्कोलॉजी दवाओं के सुरक्षित प्रबंधन पर व्यावहारिक पहलुओं को समझाया। लिटिनेंट कर्नल (डॉ) नवी न यादव ने कैंसर उपचार के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों और उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं, नर्स एजुकेटर सुनील कुमार का सहानुभूति आधारित संवाद कौशल पर सत्र प्रतिभागियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा।
टीमवर्क से बेहतर इलाज
एक बहु विषयक पैनल चर्चा में पंकज मल्होत्रा, गौरव प्रकाश, मुख्य आहार विशेषज्ञ नैंसी साहनी और वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी ज्योति बाला ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा का संचालन अतिरिक्त प्रोफेसर और संयुक्त मेडिकल सुपरींटेंडेंट नवनीत धालियाल ने किया।
समापन सत्र में नवनीत धालियाल ने कहा कि नर्सों को संरचित और निरंतर प्रशिक्षण देना रोगी केंद्रित, नैतिक और करुणामय कैंसर देखभाल की कुंजी है। यह कार्यक्रम मजबूत और सक्षम स्वास्थ्य टीम तैयार करने की दिशा में PGIMER की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएनई सेल की नर्स एजुकेटर्स मीना व्यास, आचला अग्रवाल, सुनील कुमार और रेखा के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम आशा, जागरूकता और साझा जिम्मेदारी के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसने World Cancer Day 2026 की भावना को और सशक्त किया।

