दो साल से तैयार मेडिकल कॉलेज जनता को क्यों नहीं सौंपा गया : अनुराग ठाकुर
300 करोड़ की परियोजना 10 साल बाद भी अधूरी, सरकार से मांगा जवाब
हमीरपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को नादौन उपमंडल के जोलसप्पड़ स्थित डॉ.राधाकृष्ण गवर्नमेंट मेडिकल कालेज का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परियोजना में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार से जवाब मांगा।
पत्रकारों से बातचीत में ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से बड़ी कोशिशों के बाद हमीरपुर के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की मेडिकल कॉलेज परियोजना स्वीकृत करवाई गई थी, लेकिन इसे पूरा होने में अब करीब 10 वर्ष लगने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना में लगातार रुकावटें क्यों आईं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के भवन लगभग दो वर्ष पहले ही तैयार हो चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो 600 विद्यार्थियों के लिए नियमित कक्षाएं शुरू हो पाई हैं और न ही आम जनता के लिए ओपीडी सेवाएं आरंभ की गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधारभूत ढांचा तैयार है तो संस्थान को शुरू करने में देरी किस कारण हो रही है।
कांग्रेस सरकार पर लगाये आरोप
सांसद ने कहा कि वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी गई थी, लेकिन प्रारंभिक चरण में भूमि उपलब्ध कराने में देरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार और अब वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने पूछा कि आखिर कौन-सी बाधाएं हैं जो मेडिकल कॉलेज को जनता को समर्पित होने से रोक रही हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस संस्थान को स्वीकृति मिली थी। उन्होंने प्रदेश सरकार से शेष कार्य शीघ्र पूरा कर मेडिकल कॉलेज को जनता के लिए समर्पित करने की मांग की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री, जिला परिषद सदस्य नीलम, जिला भाजपा महामंत्री अजय रिंटू, मीडिया प्रभारी विक्रमजीत सिंह बन्याल, कार्यालय सचिव होशियार सिंह तथा भाजपा मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
