Chetna Manch : चेतना मंच का व्याख्यान; पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत पर भी भारी, महंगाई से विदेश नीति तक उठे सवाल
डॉ. जगवंत सिंह बोले- वैश्विक घटनाक्रम का असर अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है
Chetna Manch : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर केवल युद्धग्रस्त क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आम लोगों के दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है। यह बात पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर एवं पूर्व सीनेट सदस्य डॉ. जगवंत सिंह ने रविवार को चेतना मंच चंडीगढ़ की ओर से सेक्टर-40ए स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित व्याख्यान में कही।
'भू-राजनीतिक परिदृश्य और भारत पर उसका प्रभाव' विषय पर आयोजित व्याख्यान में डॉ. सिंह ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की परिस्थितियां भौगोलिक, राजनीतिक और मानवीय कारकों के संयुक्त प्रभाव से तय होती हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिवहन, पैकेजिंग और एलपीजी की लागत बढ़ी। इसका असर खाद्य पदार्थों, दूध, रेस्तरां सेवाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संघर्षों के कारण विस्थापन, बेरोजगारी और खाद्य संकट जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। विदेश नीति पर अपने विचार रखते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि भारत ने कुछ मामलों में अमेरिका के दबाव में अपने रणनीतिक हितों से समझौता किया, जिससे रियायती दरों पर रूस से कच्चे तेल और ईरान से रुपये में होने वाले तेल आयात जैसे विकल्प प्रभावित हुए।
व्याख्यान में करीब 100 बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर सवाल पूछे। अंत में चेतना मंच के अध्यक्ष पी.डी.एस. उप्पल ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

