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Weather Update : उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: हरियाणा-पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में लौटी ठंड

उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: हरियाणा-पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में लौटी ठंडत्तर भारत में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम के मिजाज में बड़ी तब्दीली देखने को मिल रही है। एक...

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सांकेतिक फाइल फोटो।
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उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: हरियाणा-पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में लौटी ठंडत्तर भारत में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम के मिजाज में बड़ी तब्दीली देखने को मिल रही है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण चंडीगढ़ समेत पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मंगलवार सुबह से ही चंडीगढ़ और आसपास के मैदानी इलाकों में बादलों ने डेरा डाल रखा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

चंडीगढ़ और ट्राइसीटी में बादलों का डेरा, बारिश की संभावना

सिउत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: हरियाणा-पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में लौटी ठंड व पंचकूला में मंगलवार को दिन की शुरुआत घने बादलों के साथ हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे गिरकर 31.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आज देर शाम या रात तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन अचानक आई ठंडक ने लोगों को सचेत कर दिया है।

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किसानों की बढ़ी चिंता: गेहूं की फसल पर संकट

हरियाणा और पंजाब के मैदानी इलाकों में इस समय गेहूं की कटाई का सीजन जोरों पर है। कई जिलों में फसल पक कर तैयार है, तो कहीं कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी 'ऑरेंज अलर्ट' ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि होती है, तो तैयार फसल के गिरने और दाने खराब होने का बड़ा खतरा है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल सिंचाई रोक दें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों या तिरपाल से ढक कर रखें।

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हिमाचल के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानी इलाकों में अलर्ट

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी गंभीर है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर पिछले 24 घंटों से बर्फबारी का दौर जारी है। ताजा बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा समेत कई महत्वपूर्ण मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गए हैं। शिमला मौसम केंद्र के निदेशक के अनुसार, निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना है। पहाड़ों से आ रही इन सर्द हवाओं ने चंडीगढ़, अंबाला, पटियाला और लुधियाना जैसे मैदानी शहरों के न्यूनतम तापमान को भी प्रभावित किया है।

अगले तीन दिन संभलकर रहने की सलाह

मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह पश्चिमी विक्षोभ मध्य पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण और भी प्रभावी हो गया है। इसका असर 9 अप्रैल की शाम तक बने रहने के आसार हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की हिदायत दी है। अगले 72 घंटों तक मौसम इसी तरह अनिश्चित बना रह सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी।

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