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जीरकपुर नगर परिषद की पहली हाउस मीटिंग में हंगामा

14 पार्षदों ने जताया विरोध, 323 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट पर उठे सवाल

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जीरकपुर नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को नप की बैठक में मौजूद प्रधान एवं पार्षद। -हप्र
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जीरकपुर नगर परिषद की नई गठित टीम की पहली हाउस मीटिंग मंगलवार को हंगामेदार रही। नगर परिषद प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों और एजेंडे को लेकर सत्तापक्ष व विपक्षी पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। बैठक में डेराबस्सी के विधायक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई कार्यसाधक अधिकारी परविंदर भट्टी की देखरेख में हुई।

बैठक के दौरान कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा से जुड़े 14 विपक्षी पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर आपत्ति जताई। पार्षदों का आरोप था कि विकास कार्यों और एजेंडा तैयार करने में उन्हें पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके वार्डों से जुड़े मुद्दों पर समान अवसर और भागीदारी मिलनी चाहिए। बैठक में सबसे अधिक विवाद करीब 323 करोड़ रुपये के सीवरेज एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हुआ। विपक्षी पार्षदों ने स्पष्ट किया कि वे शहर में सीवरेज व्यवस्था में सुधार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले इसकी लागत, योजना, फंडिंग के स्रोत और प्रस्तावित क्षमता पर हाउस में विस्तृत चर्चा जरूरी है। इसके अलावा 14 पार्षदों ने कार्यसाधक अधिकारी परविंदर भट्टी के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए और पक्षपात के आरोप लगाए।

एनके शर्मा ने कामकाज पर उठाए सवाल

शिरोमणि अकाली दल के कोषाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक एनके शर्मा ने जीरकपुर नगर परिषद के कामकाज को लेकर कई सवाल उठाते हुए हालिया वित्तीय भुगतान, टेंडर प्रक्रिया और सीवरेज व्यवस्था का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। शर्मा ने नगर परिषद प्रधान गुरप्रीत सिंह विरक और विधायक कुलजीत सिंह रंधावा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। शर्मा ने दावा किया कि करीब 32 लाख रुपये की जलापूर्ति संबंधी कथित अदायगी नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किए बिना की गई। उन्होंने पूछा कि यह भुगतान किस प्रक्रिया के तहत हुआ और क्या इसके लिए टेंडर या प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया अपनाई गई थी।

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