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5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर UFBU का चंडीगढ़ में धरना, 27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान

डिजिटल बैंकिंग के दौर में सार्वजनिक सुविधा प्रभावित न होने का दावा, सरकार से मार्च 2024 के समझौते को लागू करने की मांग

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Chandigarh News : 5-दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को बैंक स्क्वायर, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में धरना प्रदर्शन किया। UFBU ने साफ किया कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो 27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल की जाएगी।

धरने को संबोधित करते हुए UFBU नेताओं ने कहा कि मौजूदा समय में 99 प्रतिशत से अधिक बैंकिंग लेनदेन UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों से हो रहे हैं। ऐसे में शनिवार-रविवार को भी ग्राहकों को सेवाएं निर्बाध रूप से मिलती रहती हैं। इसलिए 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से सार्वजनिक सुविधा पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

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नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकांश विभाग, सार्वजनिक संस्थान और नियामक निकाय, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक भी शामिल है-पहले से ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह के तहत काम कर रहे हैं। लंबी वार्ताओं के बाद मार्च 2024 में UFBU और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच बैंकिंग क्षेत्र में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह शुरू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक भारत सरकार की मंजूरी न मिलने से कर्मचारियों और अधिकारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

UFBU ने देरी को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि जब समान सुविधाएं अन्य क्षेत्रों को दी जा चुकी हैं, तो बैंकिंग कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। मंच से सरकार से समझौते का सम्मान करते हुए बिना किसी और विलंब के निर्णय लागू करने की अपील की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांग पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी परिणति 27 जनवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल होगी।

धरना प्रदर्शन को UFBU के कई नेताओं ने संबोधित किया, जिनमें जगदीश राय (AIBEA), इकबाल सिंह मल्ही (NCBE), प्रियव्रत (AIBOC), राजीव सरहिंदी, पंकज शर्मा, सचिन कटियार, क्रांति, गुरबक्स, सिन्हा, मंजू शर्मा, प्रेम पवार, विनय कुमार, हरविंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

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