Chandigarh Immigration Fraud: न्यूजीलैंड वर्क परमिट के नाम पर 60 लाख की ठगी, चंडीगढ़ से दो इमिग्रेशन एजेंट गिरफ्तार
Chandigarh Immigration Fraud: ‘ट्रूवे कंसल्टेंसी’ के जरिए लोगों को विदेश भेजने का झांसा; ऑफिस बंद कर फरार हुए आरोपियों को सेक्टर-26 थाना पुलिस ने दबोचा
Chandigarh Immigration Fraud: चंडीगढ़ में विदेश जाकर बसने की चाहत रखने वाले युवा लगातार इमिग्रेशन एजेंटों के जाल में फंस रहे हैं। न्यूजीलैंड की वादियों और वहां के वर्क परमिट का ऐसा ही एक सुनहरा सपना दिखाकर करीब 60 लाख रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
चंडीगढ़ के सेक्टर 26 थाना पुलिस ने इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर इमिग्रेशन एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी लोगों से मोटी रकम ऐंठकर अपने दफ्तर पर ताला लगा चुके थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहाली के सनी एन्क्लेव निवासी 44 वर्षीय युवराज सोबती और फेज-6 मोहाली निवासी 41 वर्षीय हरनीत वालिया के रूप में हुई है। दोनों ही ग्रेजुएट हैं और इमिग्रेशन कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इन शातिरों ने मध्य मार्ग सेक्टर 26 के टिंबर मार्केट स्थित प्लाट नंबर 10 माय सोहो वर्कस्पेस में ट्रूवे कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अपना दफ्तर खोल रखा था।
यहां आने वाले लोगों को ये न्यूजीलैंड में पक्की नौकरी और वर्क परमिट दिलाने का पूरा भरोसा देते थे। वीजा फाइलिंग से लेकर नौकरी के ऑफर लेटर और जरूरी दस्तावेजों तक का सारा जिम्मा ये खुद लेते थे, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।
60 लाख रुपये समेटे और हो गए फरार
आरोपियों ने इसी तरह कई लोगों को अपने जाल में फंसाया और कुल 59 लाख 92 हजार रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल ली। जब वीजा देने की बारी आई, तो अचानक इन्होंने अपना दफ्तर बंद कर दिया और गायब हो गए। इस पूरे खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब बबीता नाम की एक महिला ने अपने भाई विवेक कुमार की ओर से इस ठगी की शिकायत पुलिस को दी।
चंडीगढ़ में खंगाला जा रहा रिकॉर्ड, पहले से दर्ज हैं तीन एफआईआर
बबीता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 23 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत एफआईआर नंबर 65 दर्ज की। इसके बाद सेक्टर 26 थाने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक ये दोनों पुराने खिलाड़ी हैं। इन पर पहले से ही सेक्टर 26 थाने में धोखाधड़ी और इमिग्रेशन फर्जीवाड़े की तीन अन्य एफआईआर दर्ज हैं। इनमें साल 2025 में दर्ज एफआईआर नंबर 27, 123 और 133 शामिल हैं। पुलिस अब दोनों से गहराई से पूछताछ कर रही है और चंडीगढ़ में इनका पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, ताकि ठगी का शिकार हुए अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
