नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के दोषी दो भाइयों को 20–20 साल की सजा
स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
पंचकूला की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20–20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोनों दोषियों पर 50–50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एडिशनल सेशन जज मनीष दुआ की अदालत ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि आरोपियों ने नाबालिग बहनों को शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया, जो गंभीर और जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। यह मामला वर्ष 2021 का है।
पिंजौर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 23 जुलाई 2021 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि पंचकूला में रहने वाले दो सगे भाइयों ने उसकी 16 और 14 वर्षीय बेटियों को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। पुलिस ने अगले दिन 24 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366 के तहत मामला दर्ज किया।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने पुलिस की प्रभावी जांच और अभियोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह फैसला समाज में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और मजबूत गवाहों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे अदालत में दोष सिद्ध हो सका।
जांच में सामने आए गंभीर तथ्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए सब इंस्पेक्टर पूजा के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने 30 जुलाई 2021 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच और मेडिकल परीक्षण के दौरान सामने आया कि आरोपी दोनों बहनों को शादी का झांसा देकर बिहार ले गए थे, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई।

