छतबीड़ जू में बाघिन 'गौरी' के तीन शावकों का नामकरण, नाम रखा गरिमा, गुंजन और गजल
Chhatbir Zoo: चंडीगढ़ के निकट स्थित छतबीड़ जू में नवंबर 2025 में बाघिन 'गौरी' ने तीन मादा शावकों को जन्म दिया था। अब ये मादा शावक पूरी तरह से अपना होशोहवास संभाल चुके हैं और जल्द ही इन्हें बड़े बाड़े...
Chhatbir Zoo: चंडीगढ़ के निकट स्थित छतबीड़ जू में नवंबर 2025 में बाघिन 'गौरी' ने तीन मादा शावकों को जन्म दिया था। अब ये मादा शावक पूरी तरह से अपना होशोहवास संभाल चुके हैं और जल्द ही इन्हें बड़े बाड़े में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी है।
इन शावकों का नामकरण भी कर दिया गया है। पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि शावकों का नाम 'गरिमा', 'गुंजन' और 'ग़जल' रखा गया है।
इन तीन शावकों के साथ अब छतबीड़ चिडियाघर में बाघों की संख्या 10 हो गई है। मंत्री कटारूचक ने बताया कि चिड़ियाघर अप्रैल माह में अपनी स्वर्ण जयंती पूरी करेगा और विभाग इस अवसर को भव्य रूप से मनाने पर विचार कर रहा है।
छतबीड़ चिड़ियाघर विशाल छतबीर क्षेत्र में स्थित है। 1977 में छतबीर संरक्षित वन क्षेत्र के हिस्से के रूप में स्थापित, यह भव्य चिड़ियाघर आधिकारिक तौर पर महेंद्र चौधरी प्राणी उद्यान के नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग इसे छतबीर चिड़ियाघर कहते हैं। कुल 202 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह चिड़ियाघर उत्तर-पश्चिमी भारत का सबसे बड़ा प्राणी उद्यान है, जिसमें 1,000 से अधिक प्रजातियों के जानवर और पक्षी हैं। (फोटो स्रोत एक्स अकाउंट @LC_Kataruchak)

