कैंसर उपचार में तकनीक का कमाल : रोबोटिक सर्जरी से 70 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन
चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक तकनीक के मेल ने अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज और भी सुगम बना दिया है। फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के ऑन्कोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक चौथी पीढ़ी के 'दा विंची एक्सआई' (Da Vinci Xi) रोबोट की...
चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक तकनीक के मेल ने अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज और भी सुगम बना दिया है। फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के ऑन्कोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक चौथी पीढ़ी के 'दा विंची एक्सआई' (Da Vinci Xi) रोबोट की मदद से जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। हाल ही में डॉ. दीप्ति सिंह के नेतृत्व में कुरुक्षेत्र की एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल उपचार किया गया, जो स्टेज-2 ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं।
डॉ. दीप्ति सिंह (कंसल्टेंट-एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी) ने बताया कि उक्त महिला बाएं स्तन में दर्दनाक गांठ की शिकायत लेकर आई थीं। जांच और बायोप्सी में स्टेज-2 कैंसर की पुष्टि हुई। पीईटी स्कैन से पता चला कि संक्रमण बगल के लिम्फ नोड्स तक फैल चुका था और दूसरे स्तन में भी छोटे ट्यूमर थे।
मरीज को पहले कीमो-पोर्ट के जरिए कीमोथेरेपी दी गई, ताकि ट्यूमर को नियंत्रित किया जा सके। इसके बाद रोबोटिक तकनीक की मदद से एक तरफ 'मास्टेक्टॉमी' (स्तन निष्कासन) और दूसरी तरफ 'ब्रेस्ट कंजर्वेशन' (आंशिक सर्जरी) की गई। तकनीक का लाभ यह रहा कि मरीज की रिकवरी बेहद तेज हुई और उन्हें सर्जरी के अगले ही दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
युवाओं में भी लक्षण, पर हर गांठ कैंसर नहीं
अस्पताल में एक अन्य मामला 25 वर्षीय युवती का आया, जिसके निप्पल से रक्तस्राव हो रहा था। शुरुआती एमआरआई में कैंसर की आशंका जताई गई थी, लेकिन सूक्ष्म जांच (ट्रू-कट बायोप्सी) और सर्जरी के बाद ट्यूमर कैंसररहित पाया गया। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि युवाओं में भी कैंसर जैसे लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन हर गांठ घातक नहीं होती। सही समय पर जांच ही भ्रम को दूर कर सकती है।
इसके अलावा, एक 33 वर्षीय मरीज की एड्रिनल ग्रंथि के ट्यूमर को भी रोबोटिक 'एड्रिनलेक्टॉमी' तकनीक से निकाला गया। इस विधि से खून कम बहता है और शरीर पर चीरे के निशान भी बहुत छोटे आते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉ. दीप्ति सिंह ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि शुरुआती पहचान ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने निम्नलिखित लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी:
- स्तन या बगल में नई गांठ का उभरना।
- स्तन की त्वचा का मोटा होना, सूजन या गड्ढे पड़ना।
- निप्पल का अंदर की ओर खिंचना या उससे असामान्य स्राव होना।
- निप्पल क्षेत्र में लगातार दर्द या त्वचा का पपड़ीदार होना।

