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मेयर ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां रखीं सामने

कहा- कार्यभार संभालते समय कर्मचारियों का वेतन देना भी था मुश्किल

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चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान नगर निगम में किए गए कार्यों, सुधारों और उपलब्धियों को शुकवार को पत्रकारों के समक्ष रखा। इस मौके प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, संजीव राणा और प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेयर ने कहा कि 30 जनवरी 2025 को कार्यभार संभालते समय निगम की वित्तीय स्थिति अत्यंत दयनीय थी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान तक में कठिनाइयां आ रही थीं। उन्होंने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्रशासन, निगम अधिकारियों और भाजपा संगठन के साथ समन्वय स्थापित कर ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए। निगम में पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त एवं अनुबंध समिति का गठन सर्वसम्मति से किया गया। फरवरी 2025 में तीन वैधानिक समितियों- सड़क समिति, जल आपूर्ति एवं सीवरेज समिति तथा हाउस टैक्स समिति का पुनर्गठन किया गया।

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राजस्व सृजन के क्षेत्र में नगर निगम के इतिहास में पहली बार 53वां रोज़ फेस्टिवल 2025 शून्य व्यय पर आयोजित किया गया, जिससे 11,57,220 की आय अर्जित हुई।

मेयर ने बताया कि निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया गया, जिस पर गृह मंत्रालय द्वारा 125 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की गई। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन से प्राप्त इस सहायता से शहर की आवश्यक सेवाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिली। नशा-मुक्त और स्वच्छ चंडीगढ़ के लिए स्वच्छता महोत्सव, स्वच्छता ही सेवा अभियान, साइकलोथॉन, स्वच्छ सांस्कृतिक महोत्सव, गली क्रिकेट टूर्नामेंट जैसे अभियानों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता फैलाई गई।

कांग्रेस ने मेयर के बयान को बताया हास्यास्पद

कांग्रेस नेता हरमेल केसरी ने मेयर हरप्रीत कौर बबला के बयान को हास्यदप बताते हुआ आरोप लगाया है कि मौजूदा मेयर के कार्यकाल की शुरुआत में ही मलोया की गौशाला में गो माता की हत्या हुई। मेयर के कार्यकाल में चंडीगढ़ की सड़कों की जो हालत हुई वह पिछले 40 वर्ष में कभी नहीं देखी गई। कुछ दिन पहले रायपुर कलां की गौशाला में 50 से अधिक गौ माता की हत्या हुई उसके लिए ना तो मेयर ने, ना ही भाजपा के किसी नेता ने अपनी गलती मानी और छोटे अफसर को निष्कासित करके सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर डाल दी ।

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