दड़वा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से मृतक परिवार में रोष
चंडीगढ़ स्थित गांव दड़वा में 29 और 30 अगस्त की मध्यरात्रि 27 वर्षीय पवन की कथित तौर पर थार गाड़ी से कुचलकर हत्या किए जाने के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मृतक के परिजनों ने रोष...
चंडीगढ़ स्थित गांव दड़वा में 29 और 30 अगस्त की मध्यरात्रि 27 वर्षीय पवन की कथित तौर पर थार गाड़ी से कुचलकर हत्या किए जाने के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मृतक के परिजनों ने रोष जताया है। सोमवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर परिवार ने पुलिस से नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मृतक के पिता, पत्नी सुनीता और भाई सूरज ने आरोप लगाया कि पवन ने इंदिरा कॉलोनी निवासी मलकीत सिंह उर्फ काका के खिलाफ चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थ बेचने की शिकायत पुलिस को दी थी। परिवार का दावा है कि शिकायत के बाद पवन को कथित तौर पर परेशान किया जाने लगा और मलकीत सिंह काका तथा उसके सहयोगियों की ओर से धमकियां मिलने लगीं।
परिजनों के अनुसार, जान को खतरा महसूस होने के बाद पवन अपने भाई सूरज और कुछ दोस्तों के साथ घर छोड़कर दूसरी जगह रहने लगा था। परिवार का आरोप है कि 29-30 अगस्त की रात आरोपियों को पवन के दड़वा में होने की जानकारी मिली और वे कई वाहनों में वहां पहुंचे।
थार से कुचलने का आरोप
परिवार ने दावा किया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पवन और उसके भाई सूरज को थार गाड़ी से कुचलने की कोशिश की। इसमें पवन की मौत हो गई, जबकि सूरज घायल हो गया। परिवार के अनुसार, सूरज की दाईं आंख के नीचे गहरी चोट आई है।
परिजनों ने दावा किया कि घटनास्थल पर थार के अलावा स्कॉर्पियो समेत कई अन्य वाहन भी मौजूद थे। उनके मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि थार पहले आगे गई और फिर वापस आकर तेज रफ्तार से पवन को टक्कर मारी। घटना के बाद सभी वाहन वहां से फरार हो गए।
प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई FIR
परिवार के अनुसार, घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। इसके बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सुबह हाउसिंग बोर्ड चौक पर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 0073 दर्ज की।
परिजनों के मुताबिक, मामले में मलकीत सिंह काका, मोनू उर्फ कांदू, सूरज, सुभाष और महावीर समेत अन्य के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। परिवार का दावा है कि पुलिस ने मोनू जायसवाल, सुभाष, साहिल और अरबाज कैफ को गिरफ्तार किया है तथा वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही दो गाड़ियों को भी जब्त किया गया है।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
परिवार का आरोप है कि घटना को करीब एक महीना बीतने के बावजूद मुख्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने थाना प्रभारी सतनाम सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि शिकायतकर्ता परिवार को ही परेशान तथा डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसएसपी और डीएसपी पी. अभिनंदन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने परिवार का एक युवा सदस्य खोया है और अब उनकी एकमात्र मांग न्याय है।

