Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

कॉलेजों में खत्म होगी शिक्षकों की कमी : 435 नए असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिली नियुक्ति

भूगोल, राजनीति विज्ञान और इतिहास विषयों में सबसे बड़ी भर्ती हरियाणा सरकार ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजकीय कॉलेजों में 435 नए असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की है।...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

भूगोल, राजनीति विज्ञान और इतिहास विषयों में सबसे बड़ी भर्ती

हरियाणा सरकार ने प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजकीय कॉलेजों में 435 नए असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की है। लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे सरकारी कॉलेजों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बुधवार को नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को उनके स्टेशन सहित नियुक्ति पत्र सौंपे।

इस भर्ती में भूगोल विषय के सबसे अधिक 277, राजनीति विज्ञान के 71 और इतिहास के 87 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन विषयों में लंबे समय से फैकल्टी की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस दौरान शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता ही युवाओं के भविष्य को दिशा देती है।

Advertisement

उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखने, बल्कि उनमें शोध, विश्लेषण और नवाचार की सोच विकसित करने का आह्वान किया।

Advertisement

ग्रामीण कॉलेजों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कई सरकारी कॉलेज लंबे समय से शिक्षकों की कमी से प्रभावित थे। इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा था, जहां नियमित फैकल्टी उपलब्ध न होने के कारण पढ़ाई बाधित होती रही। अब इन नियुक्तियों के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के कॉलेजों में पढ़ाई की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

खाली पद भरना सरकार की प्राथमिकता

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉलेजों में खाली पद भरना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है ताकि किसी भी संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों और विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अवसर मिल सके।

Advertisement
×