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Sukhbir Singh Badal : चंडीगढ़ की अदालत ने मानहानि मामले में शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल को पेशी से मिली छूट

बठिंडा रैली का हवाला देकर मांगी थी राहत, अब 15 अप्रैल को होगी सुनवाई

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शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल
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Sukhbir Singh Badal : चंडीगढ़ की एक स्थानीय अदालत ने मानहानि के एक मामले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को सोमवार को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी। अदालत ने उनके वकील की दलीलों को सुनने के बाद आवेदन स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल, 2026 की तारीख तय की है।

रैली में उपस्थिति को बताया अनिवार्य

सुखबीर बादल की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार राय ने अदालत में पेशी से छूट के लिए अर्जी दाखिल की थी। अर्जी में तर्क दिया गया कि बठिंडा के मलोट रोड पर शिरोमणि अकाली दल की एक विशाल राजनीतिक रैली आयोजित की जा रही है। इस रैली में भारी भीड़ जुटने की संभावना है और पार्टी अध्यक्ष होने के नाते वहां बादल की मौजूदगी अनिवार्य है। बचाव पक्ष ने अदालत को भरोसा दिलाया कि अगली सुनवाई पर आवेदक निश्चित रूप से उपस्थित होगा।

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क्या है मामला ?

यह मानहानि मामला जनवरी 2017 में धार्मिक संगठन 'अखंड कीर्तनी जत्था' के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह द्वारा दायर किया गया था। आरोप है कि सुखबीर बादल ने एक बयान में इस संगठन को प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' का 'राजनीतिक चेहरा' बताया था।

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केजरीवाल से मुलाकात के बाद उपजा विवाद

सुखबीर बादल ने यह विवादित बयान कथित तौर पर तब दिया था, जब राजिंदर पाल सिंह ने दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की थी। इसी बयान को आधार बनाकर राजिंदर पाल सिंह ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। सोमवार को अदालत ने एक दिन की राहत देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

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