Sukhbir Badal Defamation Case: आठ साल पुराने मानहानि केस में सुखबीर बादल चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश, मिली जमानत
Sukhbir Badal Defamation Case: गैर-जमानती वारंट के बाद कोर्ट पहुंचे अकाली दल प्रमुख
Sukhbir Badal Defamation Case: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में पेश हुए। यह पेशी उनके खिलाफ चल रहे आठ साल पुराने मानहानि मामले में हुई। अदालत में पेश होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई। इसकी जानकारी उनके वकील एडवोकेट अर्शदीप सिंह क्लेर ने दी।
गैर-जमानती वारंट के बाद अदालत पहुंचे बादल
दरअसल, पिछले महीने अदालत ने सुखबीर बादल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। इसके बावजूद वह तय तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुए थे। 17 दिसंबर 2025 को अनुपस्थित रहने के कारण उनकी जमानत रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट सख्त रुख अपना सकती थी। इसी के चलते शनिवार को उन्हें अदालत में पेश होना पड़ा।
2017 में दर्ज हुआ था मानहानि का केस
यह मामला वर्ष 2017 का है, जब धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था।
सुखबीर बादल ने इस केस को रद्द कराने के लिए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
विवादित बयान से शुरू हुआ मामला
बताया जाता है कि 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राजिंदर पाल सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद सुखबीर बादल ने मीडिया में बयान देते हुए अखंड कीर्तनी जत्थे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी और संगठन को “आतंकवादी संगठन का राजनीतिक चेहरा” बताया था।
राजिंदर पाल सिंह का आरोप है कि इस बयान से उनके संगठन की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने चंडीगढ़ जिला अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।

