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57वें वार्षिक मूर्ति स्थापना समारोह में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

बैंड बाजों के साथ संकीर्तन करते हुए पहले दिन निकली गई भव्य कलश यात्रा

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सेक्टर 23 डी स्थित श्री महावीर मंदिर मुनि सभा (साधु आश्रम) में रविवार को 57 वें वार्षिक मूर्ति स्थापना समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित कलश यात्रा में उमड़ी भीड़। हप्र
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सेक्टर 23 डी स्थित श्री महावीर मंदिर मुनि सभा (साधु आश्रम) में पूज्यपाद ब्रह्मलीन श्री सतगुरु देव श्रीश्री 108 श्री मुनि गौरवानंद गिरि महाराज की प्ररेणा से परम्परानुसार 57 वें वार्षिक मूर्ति स्थापना समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व विधि विधान के साथ 101 कलश यात्रा निकली गई। इस कलश यात्रा का आयोजन सेक्टर 23 स्थित प्राचीन शिव मंदिर से किया गया।

बैंड बाजों के साथ श्रद्धालुओं व संकीर्तन मंडलियों के साथ यह कलश यात्रा जिन जिन मार्गों से होकर गुजरी वहाँ के लोगों ने पुष्प वर्षा कर इस भव्य कलश यात्रा का स्वागत किया। इस कलश यात्रा में सुसज्जित रथ पर कथा व्यास चंडीगढ़/वृंदावन से श्री हरिजी महाराज विराजमान थे। यात्रा के दौरान प्रधान दिलीप चंद गुप्ता, सांस्कृतिक सचिव पंडित दीप भारद्वाज, उप प्रधान ओपी पाहवा, महासचिव अशोक ठाकुर, कार्यालय सचिव नंदलाल शर्मा, संयुक्त सचिव जगदीश सरीन, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता तथा ऑडिटर नरेश महाजन अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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ज्ञानयुक्त जीवन, वैराग्य युक्त जीवन और भक्तिमय जीवन से प्रभु प्राप्ति: कथा व्यास श्री हरिजी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति के माहात्म्य को समझाया कि किस प्रकार ज्ञान और वैराग्य युक्त जीवन में भक्ति प्रादुर्भाव होता है। उन्होने बताया कि ज्ञानयुक्त जीवन, वैराग्य युक्त जीवन और भक्तिमय जीवन से ही प्रभु को पाया जा सकता है।

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