Shiv Mahapurana Katha : अधिक मोह पतन का कारण, विश्वास से मजबूत होते हैं रिश्ते
शिव महापुराण कथा में नारद मोह और शिव-सती विवाह प्रसंग के जरिए परिवार व समाज के प्रति जिम्मेदारियों का संदेश
Shiv Mahapurana Katha : चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक श्री रविंद्र शास्त्री जी ने धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भक्त को कभी निराश नहीं होना चाहिए। भक्ति की शक्ति अमूल्य है। जिसके जीवन में भक्ति का प्रवेश हो जाता है, उसे प्रभु की कृपा प्राप्त हो जाती है।
वाणासुर की कथा का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि यदि जीवन में भक्ति की शक्ति है तो कोई भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों से मिलने वाली सीख को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
बुजुर्गों के सम्मान और बच्चों को संस्कार देने पर जोर
श्री रविंद्र शास्त्री ने कहा कि परिवार में बुजुर्गों का सम्मान करना और बच्चों को अच्छे संस्कार देना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। धार्मिक कथा केवल सुनने तक सीमित न रहे, बल्कि इससे मिलने वाली सीख समाज और परिवार के जीवन में दिखाई देनी चाहिए।
मंदिर कमेटी के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया और भगवान शिव के जयकारे लगाए। कथा के उपरांत भव्य आरती हुई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

