Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि पर कल बुड़ैल चंडीगढ़ के प्राचीन डेरा सिद्ध घनेरी शिव मंदिर में गूंजेगा हर-हर महादेव
Sawan Shivratri 2026: 11 अगस्त को कांवड़ियों के लिए खोले जाएंगे मुख्य शिवलिंग के कपाट, हरिद्वार और गंगोत्री से लाए गंगाजल से होगा भगवान शिव का अभिषेक
Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर चंडीगढ़ के प्राचीन मंदिरों में से एक बुड़ैल स्थित डेरा सिद्ध घनेरी शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिलेगी। 11 अगस्त मंगलवार को सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर के मुख्य शिवलिंग के कपाट कांवड़ियों के लिए खोले जाएंगे। कांवड़िए हरिद्वार और गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
मंदिर के प्रमुख पंडित विजय प्रकाश शास्त्री ने बताया कि सेक्टर-45ए के बुड़ैल में स्थित डेरा सिद्ध घनेरी शिव मंदिर चंडीगढ़ के पुराने और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल है। आधुनिक चंडीगढ़ के अस्तित्व में आने और शहर के सुनियोजित सेक्टरों के निर्माण से पहले भी बुड़ैल एक प्राचीन और ऐतिहासिक गांव के रूप में मौजूद था। डेरा सिद्ध घनेरी इसी पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा हुआ है।
सिद्ध संतों और नाथ परंपरा से जुड़ा इतिहास
डेरा सिद्ध घनेरी को स्थानीय धार्मिक परंपरा में सिद्ध संतों और नाथ परंपरा के योगियों से जुड़ा माना जाता है। यहां संतों की समाधियां और उनके तप से जुड़ी मान्यताएं आज भी इस स्थान की धार्मिक पहचान का हिस्सा हैं।
मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, आधुनिक शहर के विस्तार के बावजूद डेरा सिद्ध घनेरी ने अपनी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और पहचान को काफी हद तक कायम रखा है। सावन के दौरान यहां भगवान शिव की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
सावन शिवरात्रि के दिन मंदिर में कांवड़ियों के लिए विशेष धार्मिक आयोजन होगा। हरिद्वार और गंगोत्री से कांवड़ में लाया गया गंगाजल भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। इस दौरान शिवलिंग का जलाभिषेक कर श्रद्धालु भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।

