Chandigarh Medical Update : ट्राइसिटी के विशेषज्ञों ने जांची बेहोशी की दवा की नई प्रगति, 5 वरिष्ठ चिकित्सक 'लाइफटाइम अचीवमेंट' से सम्मानित
पंचकूला में 'इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स की नई शाखा का आगाज
Chandigarh Medical Update : चिकित्सा विज्ञान में सर्जरी का आधार मानी जाने वाली एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) तकनीक में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों और सुरक्षा मानकों पर चर्चा के लिए ट्राइसिटी के विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। अवसर था 'इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स' (ISA) की पंचकूला शाखा के औपचारिक उद्घाटन का। चंडीगढ़ में आयोजित इस गरिमामय समारोह में पंचकूला और ट्राइसिटी क्षेत्र के लगभग 40 वरिष्ठ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स ने शिरकत की और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद आईएसए के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नई शाखा के गठन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनेस्थीसिया अब केवल मरीज को बेहोश करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने डॉक्टरों को चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक मानकों और उत्कृष्टता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीकों के आने से अब जोखिम कम और सफलता की दर अधिक हो गई है।
एनेस्थीसिया के इन दिग्गजों का हुआ सम्मान![]()
![]()
चिकित्सा के क्षेत्र में दशकों तक दी गई अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण के लिए ट्राइसिटी के पांच प्रख्यात चिकित्सकों को 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' से नवाजा गया। सम्मानित होने वाले इन विशेषज्ञों ने न केवल हजारों मरीजों का सफल उपचार किया है, बल्कि नई पीढ़ी के डॉक्टरों का मार्गदर्शन भी किया है। सम्मानित होने वाले विशेषज्ञों में शामिल हैं:
- प्रोफेसर वाईके बतरा : विभागाध्यक्ष (एनेस्थीसिया) पूर्व विभागाध्यक्ष पीजीआई
- प्रोफेसर बलवीर छाबड़ा : पूर्व विभागाध्यक्ष (एनेस्थीसिया), पीजीआई रोहतक और एम्स बिलासपुर।
- कर्नल जेएस जोहर (सेवानिवृत्त)
- ब्रिगेडियर अमरजीत (सेवानिवृत्त)
पेशेवर शपथ और होली का उल्लास
कार्यक्रम के दौरान आईएसए पंचकूला के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपने पेशेवर दायित्वों को पूरी निष्ठा और विशेषज्ञता के साथ निभाने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने शपथ ली कि संगठन न केवल डॉक्टरों के कौशल विकास, बल्कि मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए भी निरंतर कार्य करेगा। इस दौरान भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा की गई।
अकादमिक सत्र के समापन पर 'होली मिलन' का आयोजन किया गया, जिसने समारोह में उत्सव का रंग भर दिया। डॉक्टरों और उनके परिजनों ने फूलों और गुलाल के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान विशेषज्ञों के बीच नेटवर्किंग और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए एक अनौपचारिक सत्र भी हुआ, जिसमें सभी ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।

