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Punjab News : नशे के खिलाफ पंजाब का ‘डेटा वार’ : पहली बार होगी ड्रग्स व सामाजिक-आर्थिक जनगणना

बजट में 100 करोड़ का प्रावधान, अप्रैल से शुरू होगी गिनती‘, पिंड दा पहरेदार’ और ग्राम रक्षा समितियां बनेंगी अभियान की रीढ़

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Punjab News : नशे की चुनौती से जूझ रहे पंजाब में अब सरकार आंकड़ों के आधार पर निर्णायक लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। राज्य सरकार पहली बार ड्रग्स और सामाजिक-आर्थिक जनगणना करवाने जा रही है, जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने रविवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की।

सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने के लिए सबसे पहले विश्वसनीय और सटीक आंकड़े जुटाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह विशेष जनगणना कराई जाएगी, जिससे राज्य में नशे की वास्तविक स्थिति, प्रभावित वर्गों और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।

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अप्रैल से शुरू होगी जनगणना

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि इस जनगणना की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और अप्रैल माह से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक बनाई जा सके। सरकार के अनुसार इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से जनगणना से जुड़े सभी आंकड़े सुरक्षित रूप से एकत्र किए जाएंगे और उनका विश्लेषण किया जाएगा। इससे नशे के नेटवर्क, प्रभावित क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक कारणों की गहराई से पड़ताल हो सकेगी।

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आंकड़ों के आधार पर बनेगी नीति

राज्य सरकार का कहना है कि इस जनगणना से प्राप्त जानकारी के आधार पर साक्ष्य आधारित नीति बनाई जाएगी। इससे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। अभी तक नशे के मुद्दे पर अनुमान और सीमित आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनती रही हैं। पहली बार व्यापक डेटा उपलब्ध होने से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों और किन सामाजिक वर्गों में समस्या अधिक गंभीर है और वहां किस तरह के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

‘पिंड दा पहरेदार’ बनेगा अभियान का आधार

नशे के खिलाफ सरकार ने गांव स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में 12 हजार ग्राम रक्षा समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के माध्यम से करीब 1.25 लाख लोगों को ‘पिंड दा पहरेदार’ बनाया गया है, जो गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और प्रशासन को सूचना देंगे। सरकार का दावा है कि सामुदायिक भागीदारी से नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिलेगी तथा गांव स्तर पर जागरूकता भी बढ़ेगी।

नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। अब तक 52,331 तस्करों के खिलाफ 36,686 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा 33 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस अभियान के चलते ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और तेज किया जाएगा।

गैंगस्टरों पर भी शिकंजा

वित्त मंत्री ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन को सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इसके जरिए राज्य में संगठित अपराध पर भी लगाम लगाई जा रही है। अब तक 2762 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 34 गैंगस्टरों का एनकाउंटर हुआ है। इसके अलावा 1062 आपराधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 2203 हथियार बरामद किए गए हैं। सरकार का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि पंजाब को नशा और अपराध मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।

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