पंजाब विश्श्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि : किफायती 'ऑप्टिकल विज़न मशीन' को मिला पेटेंट
पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) ने विज्ञान और तकनीक की दुनिया में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) की टीम ने एक 'सिंगल कैमरा बेस्ड ऑप्टिकल विज़न मशीन' तैयार की है, जिसके...
पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) ने विज्ञान और तकनीक की दुनिया में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) की टीम ने एक 'सिंगल कैमरा बेस्ड ऑप्टिकल विज़न मशीन' तैयार की है, जिसके लिए भारत सरकार ने डिजाइन पेटेंट (डिज़ाइन संख्या 456985-001) दे दिया है। इस मशीन को यूआईईटी के प्रोफेसर राजेश कुमार, डॉ. गौरव सप्रा, डॉ. गरिमा जोशी और उनकी पूरी रिसर्च टीम ने मिलकर तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से वित्तीय मदद मिली थी। पंजाब विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रो. मीनाक्षी गोयल ने इस कामयाबी पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि हमारे शोध और इंजीनियरिंग के आइडिया अब सीधे तौर पर उद्योगों और आम लोगों के लिए व्यावहारिक समाधान बन रहे हैं।
मशीन की मुख्य बातें
इस मशीन को मुख्य रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि वे कम खर्च में अपने कारखानों के काम को ऑटोमैटिक (स्वचालित) बना सकें। आमतौर पर ऐसी मशीनों में कई कैमरों और महंगे उपकरणों की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस खास मशीन में सिर्फ एक कैमरे का उपयोग किया गया है। इससे यह आकार में छोटी (कंपैक्ट) है और कम जगह घेरती है।
यह मशीन उद्योगों में चीज़ों की अपने आप जांच करने, वस्तुओं की पहचान करने, उनमें कोई खराबी (डिफेक्ट) ढूंढने, क्वालिटी कंट्रोल करने और चीज़ों की छंटाई करने जैसे काम बहुत आसानी से कर सकती है।

