अमेरिका में 59 लाख में बिके पंजाब एमएलए हॉस्टल के स्टूल और कुर्सियां
सीएम मान को लिखा गया खत, धरोहर के संरक्षण की जवाबदेही पर सवाल
गत 4 जून को अमेरिका के शिकागो में चंडीगढ़ के सेक्टर 4 स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल की दो हेरिटेज कुर्सियों और चार छोटे स्टूलों के सेट की 72,720 डॉलर (59 लाख रुपये से ज़्यादा) में नीलामी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अब धरोहर के संरक्षण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया कि कुर्सियां 42 लाख रुपये से ज़्यादा में बिकीं, जबकि स्टूलों की नीलामी से 17 लाख रुपये से ज़्यादा मिले। सवाल यह है कि गृह मंत्रालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद ये हेरिटेज सामान अमेरिका के नीलामी घर तक कैसे पहुंच गए।
चंडीगढ़ हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को पत्र लिखकर यह पता लगाने का आग्रह किया है कि बिक्री के लिए किसने मंज़ूरी दी और क्या ज़रूरी अनुमति ली गई थी। यह सेल चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा प्रतिष्ठित ‘मिड-सेंचुरी मॉडर्न’ हेरिटेज फ़र्नीचर की सूची बनाने, उनका पता लगाने और उनकी अवैध तस्करी को रोकने के लिए बनाई गई एक शीर्ष समिति है। हेरिटेज सेल के प्रमुख यूटी के मुख्य सचिव होते हैं। स्पीकर ने कहा, ‘हालांकि मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन जांच की जाएगी।’
जग्गा ने दावा किया कि उन्होंने उस समय भी तत्कालीन स्पीकर के सामने यह मुद्दा उठाया था। जग्गा के लिखे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 51 और ‘विश्व सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण पर 1972 के यूनेस्को कन्वेंशन’ के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं का भी ज़िक्र किया गया है। इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि एक सच्ची राष्ट्रवादी सरकार को देश की धरोहर के संरक्षक के तौर पर काम करना चाहिए और भारत के आज़ादी के बाद के आर्किटेक्चरल विज़न के तहत बनाई गई सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अलग-अलग देशों में आर्किटेक्ट ली कॉर्बुज़ियर और पियरे जेनेरेट द्वारा डिज़ाइन किए गए धरोहर फ़र्नीचर की अवैध नीलामी पर कई बैठकों में बार-बार चर्चा हुई है।’ पिछले साल, चंडीगढ़ प्रशासन ने कई केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) विभागों के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के विभागों को पत्र लिखकर उनसे अपनी धरोहर वस्तुओं की अपडेटेड रिकॉर्ड के साथ नयी सूची उपलब्ध कराने को कहा था।
ऐसा दूसरा मामला
अमेरिका स्थित नीलामी घर ‘राइट’ की वेबसाइट पर बेची गई कुर्सियों की एक तस्वीर में इन्वेंट्री मार्किंग ‘एमएलए (एच) पीबी/1/बी-11’ दिखाई दे रही है। यह इस तरह का दूसरा मामला है जो सामने आया है। अक्तूबर 2021 में, पंजाब की विधानसभा की दो मेज़ों की अमेरिका में 17,849 डॉलर (लगभग 13.36 लाख रुपये) में नीलामी हुई थी।
