PU Student Elections : पीयू में NSUI की जीत कांग्रेस के लिए बदलाव का बिगुल : दीपेंद्र हुड्डा
कहा- छात्रों ने NSUI पैनल को जिताने का मन बनाया, ABVP को साफ करने का दावा; हॉस्टलों, फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा के मुद्दे उठाए
PU Student Elections : कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि कैंपस का माहौल साफ बता रहा है कि छात्रों ने आगामी छात्रसंघ चुनाव में NSUI पैनल के सभी उम्मीदवारों को जिताने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और देशभर में छात्रों के साथ हो रहे अन्याय का जवाब छात्र चुनाव में देंगे।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी से ABVP को साफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीयू छात्रसंघ चुनाव केवल कैंपस तक सीमित नहीं है। यहां पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कई राज्यों से छात्र पढ़ने आते हैं। इसलिए इस चुनाव का असर दूर तक जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव भी आने वाले हैं और पीयू में NSUI की जीत कांग्रेस की जीत की दिशा में बढ़ते कदम का बिगुल साबित होगी।
सुमित शर्मा की टीम के NSUI में शामिल होने को बताया मजबूती
दीपेंद्र ने कहा कि NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पिछले दो दिनों से पीयू के छात्रों से लगातार संवाद कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि पंजाब यूनिवर्सिटी का संगठन के लिए कितना महत्व है।
उन्होंने पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ चुके सुमित शर्मा और उनकी पूरी टीम के NSUI में शामिल होने को संगठन के लिए बड़ी मजबूती बताया। उन्होंने कहा कि सुमित शर्मा के संघर्ष को सभी ने पिछले कुछ वर्षों में देखा है। उनकी पूरी टीम के कांग्रेस और NSUI में शामिल होने से छात्र संगठन को निश्चित रूप से ताकत मिलेगी।
हॉस्टलों की हालत, फीस बढ़ोतरी और सुरक्षा पर सवाल
कांग्रे सांसद ने पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल फीस में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, लेकिन छात्रों को उसके अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति को भी चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार, सड़कों पर गंदगी और जलभराव है तथा छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी हमारी शान रही है। यहां शिक्षा हासिल करने वाले हर व्यक्ति को आज इसकी स्थिति देखकर दुख होता है। विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पर्याप्त बजट और ग्रांट का प्रावधान नहीं किया गया। इसके चलते छात्रों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
हुड्डा ने भाजपा शासन में पंजाब यूनिवर्सिटी सहित उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार नहीं चाहती कि बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल करें, क्योंकि शिक्षित बच्चे सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा, परीक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार व्यवस्था सवालों के घेरे में है। उनके अनुसार, देश का भविष्य सड़कों पर है और छात्रों में इसे लेकर गुस्सा है। यही गुस्सा आगामी पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में दिखाई देगा।

