Global Tribute : विश्व ज्ञान यात्रा का 10वां पड़ाव : प्रो. हिम्मत सिंह सिन्हा की याद में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट और बर्लिन में होगा भव्य आयोजन
लोटस ब्लूम पब्लिकेशन की ओर से आज फ्रैंकफर्ट तो 25 मई को बर्लिन में जुटेंगे दुनिया भर के विद्वान
Global Tribute : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व डीन और दर्शनशास्त्र के प्रकांड विद्वान ब्रह्मलीन प्रो. हिम्मत सिंह सिन्हा की विश्व ज्ञान यात्रा का 10वां पड़ाव जर्मनी पहुंच गया है। लोटस ब्लूम पब्लिकेशन की ओर से 21 मई (आज) को फ्रैंकफर्ट और 25 मई को बर्लिन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से आयोजित यह यात्रा प्रो. सिन्हा के विराट व्यक्तित्व और उनके दार्शनिक चिंतन को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कई देशों में हो चुका है सफल आयोजन
आयोजक केबी व्यास ने बताया कि विश्व ज्ञान यात्रा इससे पहले भारत, यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, मॉरीशस, सिंगापुर, मलेशिया और जापान में सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी है। जर्मनी के बाद यह यात्रा कनाडा और अंत में अमेरिका जाएगी। प्रो. सिन्हा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष रहे और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का गठन भी उन्होंने ही किया था। वह 26 स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
सर्वधर्म समभाव और दर्शन के प्रकांड विद्वान
प्रो. सिन्हा को सनातन, बौद्ध, जैन, इस्लाम, यहूदी और सिख धर्म का गहरा ज्ञान था। इसके अलावा उन्होंने फ्रायड, युंग, कांट और ओशो के चिंतन का भी गंभीर अध्ययन किया। भारतीय दर्शन और रामचरितमानस की व्याख्या में उनकी विशेष प्रतिष्ठा थी। वह लगातार चार वर्षों तक भारत सरकार की सर्वोच्च दार्शनिक संस्था ‘इंडियन काउंसिल फॉर फिलोसॉफिकल रिसर्च’ के सदस्य रहे। हरियाणा सरकार ने उन्हें ‘फख्र-ए-हरियाणा’ श्रेष्ठ साहित्य सम्मान से नवाजा था, जिसमें पांच लाख रुपये की सम्मान राशि दी गई थी। उन्हें हरियाणा उर्दू अकादमी और हिंदी सेवा सम्मान भी प्राप्त हुए।
जूम के माध्यम से जुड़ेंगे परिजन और अनुयायी
इस कार्यक्रम में प्रो. सिन्हा के करीब 1500 पॉडकास्ट यूट्यूब पर साझा करने वाले विकास शर्मा भी जूम के जरिये जुड़ेंगे। बर्लिन के कार्यक्रम में प्रो. सिन्हा की ज्येष्ठ पुत्री और कुरुक्षेत्र के बीएड कॉलेज की पूर्व प्रिंसिपल डा. मृणालिनी ऑनलाइन शामिल होंगी। वह अपने पिता के जीवन के कई अनछुए पहलू साझा करेंगी। उन्होंने बताया कि बचपन में उनके घर सैकड़ों साधु-संत आते थे, जो प्रो. सिन्हा को एक दिव्य व्यक्तित्व मानते थे।
विभिन्न संस्थाओं का मिल रहा सहयोग फ्रैंकफर्ट में होने वाला कार्यक्रम लोटस ब्लूम पब्लिकेशन और इंडो जर्मन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें डा. अरुणकुमार दुबे, जैकब थरक्कन और मयूर पांड्या उपस्थित रहेंगे। वहीं, बर्लिन के कार्यक्रम में कायस्थ मंच इंटरनेशनल का सहयोग रहेगा। संस्था के संस्थापक डा. दिनेश निगम सिंगापुर से जूम के माध्यम से जुड़ेंगे, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वेदांत श्रीवास्तव कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

