CHB में मकानों में किए जरूरत आधारित बदलाव नियमित करने की प्रक्रिया शुरू
सीईओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित, विभिन्न श्रेणियों की RWA से मांगे जाएंगे सुझाव; लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की कवायद
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) ने अपने मकानों में अलॉटीज की ओर से किए गए जरूरत आधारित बदलावों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने इस संबंध में अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी लंबित मांगों की समीक्षा करने के साथ-साथ विभिन्न हाउसिंग कैटेगरी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) से सुझाव लेगी। इसके आधार पर नियमितीकरण के लिए नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह मामला चंडीगढ़ के पांच लंबे समय से लंबित ‘लीगेसी इश्यूज’ में शामिल था, जिसे सांसद मनीष तिवारी ने 3 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उठाया था। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का जवाब हाल ही में प्राप्त हुआ है। जवाब में बताया गया कि CHB ने 3 जनवरी, 2023 और 10 मार्च, 2026 के आदेशों के माध्यम से जरूरत आधारित बदलावों की अनुमति पहले ही दे दी थी।
हालांकि, अब बोर्ड की ओर से विभिन्न RWAs के साथ नए सिरे से विचार-विमर्श शुरू किए जाने से संकेत मिलता है कि इस नीति को जमीन पर लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया और मानदंड अभी तय किए जा रहे हैं। बोर्ड अलग-अलग श्रेणियों के मकानों में किए गए बदलावों को ध्यान में रखते हुए श्रेणीवार सुझाव ले रहा है।
अगले सप्ताह तक होंगी RWA के साथ बैठकें
सूत्रों के अनुसार, CEO की अध्यक्षता वाली कमेटी अगले सप्ताह तक अलग-अलग हाउसिंग कैटेगरी का प्रतिनिधित्व करने वाली RWAs के पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेगी। ये बैठकें CHB कार्यालय की पहली मंजिल स्थित बोर्ड रूम में आयोजित की जाएंगी।
RWA पदाधिकारियों को अपनी निर्धारित बैठक में शामिल होकर जरूरत आधारित बदलावों से संबंधित मांगों और समस्याओं पर सुझाव देने को कहा गया है। इन सुझावों को नियमों को अंतिम रूप देते समय ध्यान में रखा जाएगा।
वर्षों से किए जा रहे बदलावों को नियमित करने की उम्मीद
CHB के मकानों में अलॉटीज ने वर्षों के दौरान अपनी जरूरत के अनुसार कई तरह के बदलाव किए हैं। इनमें बालकनी को कवर करना, आंतरिक हिस्सों में बदलाव और अन्य संरचनात्मक परिवर्तन शामिल हैं। इनमें से कई बदलाव तकनीकी रूप से अब तक अनधिकृत माने जाते रहे हैं, क्योंकि इनके नियमितीकरण के लिए स्पष्ट और व्यापक ढांचा उपलब्ध नहीं था।
अब बोर्ड की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया से ऐसे मकान मालिकों को अपने पुराने बदलाव नियमित होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, किन बदलावों को किस शर्त पर नियमित किया जाएगा, यह RWA से मिले सुझावों और कमेटी की सिफारिशों के बाद तय होगा।

